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विदेशियों को ठगने वाले कॉलसेंटर का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

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गुरुग्राम पुलिस की गिरफ्त में फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोपी। - फोटो : Gurgaon
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विदेशियों को ठगने वाले कॉलसेंटर का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार
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गुरुग्राम। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के नाम पर फर्जी कॉलसेंटर चलाने वाले गिरोह का पुलिस ने सोमवार देर रात भंडाफोड़ किया है। आरोपी विदेशियों खास तौर पर अमेरिकी नागरिकों को अपना निशाना बनाते थे। उनके कंप्यूटर पर माइक्रोसॉफ्ट विंडो में तकनीकी खराबी आने का ईमेल भेजकर कंप्यूटर को रिमोट पर ले लेते थे और उनके कंप्यूटर से निजी जानकारी चोरी कर उनके बैंक अकाउंट हैक कर लेते थे। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि कॉल सेंटर चलाने वाले मुखिया सहित 6 लोग फरार हैं। मंगलवार को आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पूछताछ कर आरोपियों से ठगी व अन्य साथियों के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी।
पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकिल ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सोमवार को साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली कि उद्योग विहार फेज-3 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के नाम पर फर्जी कॉलसेंटर चलाया जा रहा है। फर्जी कॉलसेंटर के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाया जा रहा है और उनके बैंक अकाउंट खाली किए जा रहे हैं। इस आधार पर पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) शशांक के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया और छापेमारी की गई। इस दौरान पाया कि कुछ लोग कंप्यूटर पर बैठे हेडफोन लगाए अंग्रेजी में बात कर रहे हैं। टीम ने कंप्यूटर पर जांच की तो उसमें कुछ विदेशियों की निजी जानकारी सहित बैंक अकाउंट की जानकारी भी मिली। इस दौरान कॉल सेंटर चलाने संबंधी परमिट भी मांगा गया जिसे आरोपी पेश नहीं कर पाए। इस पर पुलिस ने कॉल सेंटर में मौजूद चार आरोपियों को काबू किया। आरोपियों की पहचान द्वारका दिल्ली निवासी अजय मिश्रा, अंकित सक्सेना अशोक विहार गुरुग्राम निवासी अमरीश चौधरी, महिपालपुर दिल्ली निवासी मीरजहां के रूप में हुई। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, मोबाइल सहित अन्य सामान कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है। अजय और अमरीश को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। बाकी को जेल भेज दिया। रिमांड के दौरान दोनों के पार्टनर की गिरफ्तारी की जानी है।
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पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह विदेशियों खासतौर पर अमेरिकी नागरिकों के कंप्यूटर पर माइक्रोसॉफ्ट विंडो में तकनीकी खराबी आने का मैसेज भेजकर लिंक भेज देते थे। लिंक के माध्यम से वह उनके कंप्यूटर को रिमोट पर ले लेते थे और उनकी निजी जानकारी लेकर उनके बैंकिंग सिस्टम को हैक कर लेते थे। विदेशियों को निशाना बनाने का मकसद यही था कि वह उनके खिलाफ शिकायत दर्ज न करवा सकें।
वेतन संग मिलता था कमीशन
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि कॉल सेंटर में उन्हें वेतन पर रखा गया था। इसके साथ ही उन्हें टारगेट भी दिया गया था। टारगेट प्राप्त करने व उससे अधिक रुपये ठगने पर उन्हें कमीशन के रूप में अतिरिक्त आय दी जाती थी।
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पहले भी पकड़ा गया था फर्जी कॉलसेंटर
पुलिस अधिकारियों की मानें तो करीब 1 साल पहले भी उद्योग विहार क्षेत्र में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का फर्जी कॉलसेंटर पकड़ा गया था। इसमें भी अमेरिकी नागरिकों को ही निशाना बनाया जाता था। इसमें भी ठगी करने का तरीका यही था। पकड़े गए आरोपियों ने 200 से भी अधिक घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया था।
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