मुख्यमंत्री ने किया एक मुश्त व्यवस्थापन-2023 योजना का शुभारंभ
योजना 30 जून 2017 तक की अवधि के तहत बकाया टैक्स राशि के निपटान का अवसर प्रदान करेगी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के व्यापारी वर्ग की मांग को पूरा करते हुए आबकारी एवं कराधान विभाग के माध्यम से एक मुश्त व्यवस्थापन-2023 (ओटीएस) योजना का रविवार को शुभारंभ किया। योजना के तहत एक जनवरी से 30 मार्च 2024 की अवधि में सात अलग-अलग कर अधिनियमों से संबंधित मामलों में लंबित कर की अदायगी में ब्याज और जुर्माने में छूट के साथ चार श्रेणी में अदायगी की जा सकेगी। यह सात कर अधिनियम जीएसटी लागू होने से पहले प्रभावी थे। मुख्यमंत्री ने हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) गुरुग्राम के साथ मिलकर एक जीएसटी प्रशिक्षण संस्थान भी खोलने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को सेक्टर 44 स्थित अपैरल हाउस में आबकारी एवं कराधान विभाग, हरियाणा की एकमुश्त व्यवस्थापन (ओटीएस)-2023 योजना के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को नववर्ष-2024 की भी शुभकामनाएं दी। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, जिनके पास आबकारी एवं कराधान विभाग का प्रभार भी है, ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने आबकारी एवं कराधान विभाग की एकमुश्त व्यवस्थापन योजना की घोषणा करते हुए कहा कि यह योजना 30 जून 2017 तक की अवधि के तहत बकाया टैक्स राशि के निपटान का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत वैल्यू एडिड टैक्स यानी वैट की सात अलग अलग टैक्स समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओटीएस योजना के तहत टैक्स राशि को चार कैटेगरी में विभाजित किया गया है। जिसमें स्वीकृत शुल्क श्रेणी में ऐसे शुल्क को शामिल किया गया है जिसमें कोई विवाद नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस श्रेणी के तहत टैक्स पेयर को बिना किसी जुर्माने व ब्याज राशि के सौ प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा। वही, विवादित कर कैटेगरी के तहत 50 लाख रुपये से कम की आउटस्टैंडिंग राशि पर 30 प्रतिशत व 50 लाख से अधिक राशि की आउटस्टैंडिंग पर करदाता को 50 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा। ओटीएस स्कीम की तीसरी श्रेणी निर्विवादित कर के तहत विभाग द्वारा जो टैक्स बनाया गया है व करदाता की ओर से कोई अपील नहीं की गई। ऐसी टैक्स आउटस्टैंडिंग में 50 लाख रुपये से कम टैक्स राशि पर 40 प्रतिशत व 50 लाख से ऊपर राशि होने पर 60 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। इस श्रेणी में भी टैक्स पेयर को जुर्माना व ब्याज राशि में राहत दी गई है। चौथी श्रेणी में अंतरीय कर में टैक्स रेट की अंतर वाली आउटस्टैंडिंग को शामिल किया गया है। इस श्रेणी में सरकार ने करदाता को राहत प्रदान करते हुए कुल आउटस्टैंडिंग की केवल 30 प्रतिशत राशि भुगतान करने की छूट दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओटीएस स्कीम के तहत करदाता को राहत देते हुए इस योजना में आसान किश्त जैसी सुविधा को भी जोड़ा गया है। जिस करदाता की टैक्स आउटस्टैंडिंग 10 लाख से नीचे है तो उसे पूरी आउटस्टैंडिंग 30 मार्च से पहले एकमुश्त जमा करनी होगी। वहीं 10 लाख से 25 लाख रुपये की टैक्स आउटस्टैंडिंग में करदाता को दो किश्तों में पचास-पचास प्रतिशत की किश्तों में बकाया राशि जमा करानी होगी। इसी प्रकार 25 लाख से अधिक आउटस्टैंडिंग होने पर पहले 90 दिन की अवधि में पहली किस्त के रूप में 40 प्रतिशत राशि, अगले 90 दिन की अवधि में दूसरी किश्त के रूप में 30 प्रतिशत व 90 दिनों में अंतिम किश्त के रूप में 30 प्रतिशत राशि का भुगतान करना होगा। शहरी स्वामित्व योजना का जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय निकाय की भूमि पर काबिज दुकानदारों को मालिकाना हक देने के लिए आरंभ इस योजना को अब विस्तार दिया जाएगा।
कर संग्रह के मामले में पहले पांच राज्यों में शामिल
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार ने व्यापारियों व उद्योगपतियों की भलाई के लिए यह नई योजना लागू की है। इसके लिए गत विधानसभा सत्र में नया विधेयक भी पारित करवाया गया, जिससे कि 30 जून, 2017 तक की अवधि के बकाया कर मामलों में व्यापारी को छूट मिल सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से जब बकाया कर राशि के मामलों में व्यापारियों को एकमुश्त छूट देने की स्कीम को लागू करने के बारे में बात की गई तो उन्होंने तुरंत इस पर अपनी सहमति प्रकट की और वे स्वयं इस कार्यक्रम में योजना की घोषणा करने के लिए आए हैं। आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं करदाताओं के सहयोग से हरियाणा प्रदेश एक छोटा राज्य होते हुए भी देश में कर संग्रह के मामले में पहले पांच राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया
इससे पहले आबकारी एवं कराधान आयुक्त अशोक कुमार मीणा ने कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया। विभाग के प्रधान सचिव देवेंद्र कल्याण ने योजना के विभिन्न पहलुओं और प्रदेश में राजस्व वसूली से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी। व्यापारी कल्याण बोर्ड, हरियाणा के अध्यक्ष बाल किशन अग्रवाल ने प्रदेश में व्यापारी वर्ग के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के शहरी विकास प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी, मंडल आयुक्त आरसी बिढ़ान,उपायुक्त निशांत कुमार यादव, पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा, मधुबाला, कुमुद सिंह, गीतांजलि मोर, बोधराज सीकरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।