कांग्रेस नेताओं समेत अन्य ने तोड़फोड़ का किया विरोध, पुलिस ने हिरासत में लिया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ओल्ड दिल्ली रोड स्थित सेक्टर-12 मार्केट में अवैध रूप से बसी झुग्गियों को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने हटवा दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं समेत अन्य ने इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आनन-फानन में मौके पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स को बुलाना पड़ा। इस तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच जमकर झड़प हुई। इस कार्रवाई से पुरानी दिल्ली रोड पर जाम से लोगों को जूझना पड़ा। इससे आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ।
बुधवार को एचएसवीपी के संपदा अधिकारी राकेश सैनी, एसडीओ सर्वे अजमेर सिंह टीम के साथ सेक्टर-12 की विभाग की जमीन से अवैध झुग्गियों को हटाने पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल, फायर ब्रिगेड की टीम व एंबुलेंस की गाड़ियों को मौके पर बुला लिया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। इसी बीच कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज डावर व कई नेता मौके पर पहुंच गए। वे भी लोगों के साथ धरने पर बैठ गए, जिनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
एचएसवीपी अधिकारियों का कहना है कि ये झुग्गियां अवैध रूप से विभाग की भूमि पर बनाई गई हैं। जेई ललित हंस ने बताया कि विभाग की बहुत कीमती जमीन है। सेक्टर-12 के पास ओल्ड दिल्ली रोड पर बसी ये झुग्गियां बिना किसी अनुमति के बनाई गई हैं। उक्त भूमि पर बनी 86 झुग्गियों को नहीं तोड़ा गया है, क्योंकि इनमें से 84 झुग्गी वालों को आशियाना स्कीम के तहत फ्लैट दिए जाने हैं। इनमें से 6 झुग्गी वालों का सिविल कोर्ट से स्टे चल रहा है, जिसमें चार आशियाना स्कीम के पात्रता हैं। इसी बीच अन्य लोगों ने भी काफी अवैध झुग्गियां बना ली थीं। लोगों को नोटिस व मुनादी कर कार्रवाई करने की चेतावनी दे दी गई थी लेकिन नोटिस पर किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद बुधवार को जिला नोडल अधिकारी एवं बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट डीटीपी आरएस बाठ के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
सेक्टर-12 में करीब एक एकड़ जमीन पर करीब 20 साल से झुग्गियां बसी हुई हैं। साल 2010 तक इस जमीन पर 86 झुग्गियां थी, जो बढ़कर 258 पहुंच गईं। मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में पहुंचा तो एचएसवीपी की तरफ से 86 झुग्गियों को सेक्टर-47 स्थित आशियाना स्कीम के तहत निर्मित फ्लैट देने की बात रख दी। झुग्गियों को तोड़ने के लिए एचएसवीपी के संपदा अधिकारी एक ने इन्हें झुग्गी खाली करने का नोटिस दे दिया था। इस दौरान कुछ महिलाओं की पुलिस के साथ जमकर झड़प हुई। मामला बिगड़ता देख पुलिस इन सभी को थाने लेकर आई और बाद में सभी को छोड़ दिया। दूसरी ओर इस कार्रवाई से पुरानी दिल्ली रोड पर जाम से लोगों को जूझना पड़ा। इससे आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ।
कांग्रेस ने उठाया सवाल
जिला कांग्रेस शहरी के अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ तो गरीबों को घर देने के नाम पर उन्हें बसाने का ढोंग कर रही है। उन्होंने कहा कि सिर्फ झुग्गियों को गिराने के लिए सरकार ने इतना पुलिस बल लगा दिया। अपने ही देश में लोगों के साथ इस तरह की सख्ती सरकार के कुशासन को जाहिर करती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यह भाजपा सरकार के बड़े नेताओं के इशारे पर हो रही है। इसमें जरूर किसी का निजी हित होना है, इसलिए यह कार्रवाई की गई है।
पुलिस अपने ही लोगों पर बल प्रयोग नहीं करती
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के नोडल अधिकारी और जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) आरएस बाठ ने कहा कि उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। यह कार्रवाई एचएसवीपी की ओर से की जा रही है। 1-1.5 एकड़ जमीन पर 250 अवैध झुग्गियां बनी हुई हैं। 86 झुग्गियां वैध हैं और अदालत के आदेशानुसार पुनर्वास किया जाएगा। बाकी झुग्गियों को गिरा दिया जाएगा, वह अवैध अतिक्रमणकारियों के साथ नहीं हैं। पुलिस अपने ही लोगों पर बल प्रयोग नहीं करती। यदि लोग विरोध प्रदर्शन शुरू कर दें और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करें ऐसा नहीं होने देंगे। एचएसवीपी ने कानून के अनुसार, सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है और निवासियों को नोटिस दिया है। एक बैठक बुलाई गई थी और उसके बाद यह कार्रवाई की जा रही है।