संपत्ति के मूल्य वृद्धि के अनुसार हरेरा ने तय किया मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। समय से फ्लैट का कब्जा न देने से संपत्ति की मूल्य वृद्धि पर खरीदार को हुए नुकसान का इम्पीरिया बिल्डर को 55 लाख रुपये का मुआवजा देना होगा। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) की गुरुग्राम बेंच ने दिया है। हरजीत कौर ढिल्लों और एचएस ढिल्लों ने हरेरा में याचिका दायर की थी।
पीड़ितों ने शिकायत में बताया कि उन्होंने नवंबर 2013 में सेक्टर-37सी स्थित इम्पीरिया बिल्डर के द एस्फेरा प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक किया था। इसको लेकर बिल्डर से करार हुआ था। करार के अनुसार मई 2017 तक कंपनी की तरफ से फ्लैट का कब्जा दिया जाना था। जब उन्हें कब्जा नहीं मिला तो उन्होंने 2019 में हरेरा में याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई करते हुए 23 नवंबर 2022 को हरेरा ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वह शिकायतकर्ता की तरफ से फ्लैट के लिए दिए गए 73.37 लाख रुपये ब्याज सहित वापस करें।
शिकायतकर्ता ने 2023 में फिर से हरेरा में याचिका दायर करते हुए मांग की समय से कब्जा न मिलने से संपत्ति के मूल्य का नुकसान हुआ है। सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि शिकायतकर्ताओं ने जून 2017 तक कुल 73.37 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। करार 78.15 लाख रुपये में हुए था। हरेरा ने आदेश दिया है कि बिल्डर को न केवल 55 लाख रुपये मुआवजा देना होगा, बल्कि मानसिक उत्पीड़न और परेशानी के लिए एक लाख रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 50 हजार रुपये भी अदा करने होंगे।