करीब डेढ़ साल की देरी से दिए थे फ्लैट, 2017 में बुक किए थे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। तय समय से करीब डेढ़ साल की देरी से फ्लैट का कब्जा देने पर बिल्डर को छह खरीदारों को ब्याज देना होगा। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम के चेयरमैन अरुण कुमार ने दिया है। संदीप भट्ट, मुकेश कुमार, सुषमा पांडे, संदीप कुमार, रुची सिंगला और कुबेर सिंह मेहरा ने प्राधिकरण में याचिका दायर की थी। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हरेरा ने यह आदेश दिया।
पीड़ितों ने आदेश में बताया था कि उन्होंने सिग्नेचर कंपनी के सेक्टर-37डी स्थित मलिनिया प्रोजेक्ट में फ्लैट 2017 में बुक किया था। संदीप भट का कंपनी के साथ 23.07 लाख रुपये में करार हुआ था। उन्होंने कंपनी को 20.22 लाख रुपये दिए थे। मुकेश कुमार का कंपनी के साथ 26.79 लाख रुपये में करार हुआ और उन्होंने 26.77 लाख रुपये दिए थे। सुषमा पांडे का 27.21 लाख रुपये, संदीप कुमार 20.21 लाख रुपये, रुची सिंगला ने 24.80 लाख रुपये और कुबेर सिंह मेहरा ने 26.80 लाख रुपये कंपनी को दिए। कंपनी की तरफ से इन सभी का आश्वासन दिया गया था कि 2021 में पजेशन दे दिया जाएगा लेकिन इन्हें कंपनी की तरफ से पजेशन 2023 मार्च में दिया गया। प्राधिकरण ने कंपनी को आदेश दिया है कि सभी याचिकाकर्ताओं को देरी से दिए पजेशन पर उनकी तरफ से जमा की गई राशि पर 10.80 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाए।