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Gurugram News: फतेहाबाद में टोहना नहर से बरामद हुआ मॉडल दिव्या पाहुजा का शव

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फतेहाबाद में टोहना नहर से बरामद हुआ मॉडल दिव्या पाहुजा का शव
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पीठ पर बने टैटू से हुई शव की पहचान


हत्याकांड में होटल मालिक का पीएसओ भी अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार



अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। गैंगस्टर संदीप गाडौली की गर्लफ्रेंड मॉडल दिव्या पाहुजा की हत्या के 11 दिन बाद उसका शव फतेहाबाद में टोहना के पास नहर से बरामद हुआ है। दिव्या का शव नहर में कुदनी हेड के पास अटक गया था। शरीर पर बने दो टैटू से दिव्या के शव की पहचान हुई है। शव को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में नहर से बाहर निकाला गया। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उधर, इस हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी ने अभिजीत के पीएसओ प्रवेश को भी गिरफ्तार कर लिया। प्रवेश पर अभिजीत को अवैध हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। दिव्या हत्याकांड में अब तक यह छठी गिरफ्तारी है।
बलराज ने मुनक के पास नहर में फेंका था शव

कोलकाता हवाई अड्डे से गिरफ्तार करने के बाद पुलिस टीम ने आरोपी बलराज गिल से दिव्या के शव के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि शव को संगरूर जिले में मुनक के पास नहर में फेंका गया था। इसके बाद पुलिस टीम ने इसकी जानकारी गुरुग्राम के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। गुरुग्राम पुलिस ने शव की तलाश में जुटी अपनी टीम और पंजाब पुलिस से यह जानकारी साझा की। मुनक से होते हुए यह नहर टोहना से होकर गुजरती है। ऐसे में पुलिस ने एनडीआरएफ टीम के साथ शुक्रवार से ही शव की तलाश इस नहर में कर दी थी। इसके साथ ही नहर में पानी को बंद करा दिया गया था। इसी टीम को शनिवार सुबह करीब दस बजे टोहना में कुदनी हेड के पास दिव्या का शव मिला। जोकि फूलकर पानी के ऊपर आ गया था।
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टैटू से हुई शव की शिनाख्त
दिव्या का शव काफी खराब स्थिति में है। उसके सिर के सारे बाल झड़ चुके थे। शव को बाहर निकाल पुलिस ने दिव्या की मां को मौके पर बुलाया। दिव्या की पीठ और हाथ पर बने टैटू और उसके कपड़ों से शव की पहचान की गई।


एसीपी अपराध का वर्जन

एसीपी अपराध वरुण दहिया ने बताया कि दिव्या पाहुजा की हत्या के बाद उसके शव को आरोपियों ने मुनक नहर में फेंका था। आरोपी बलराज गिल की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के बाद शव की तलाश तेज हुई थी, जिसके बाद उसे बरामद कर लिया गया है।
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तीन साल से अभिजीत के साथ काम करता है प्रवेश
पुलिस टीम को छानबीन में पता चला है कि प्रवेश तीन साल से अभिजीत के पास पीएसओ के रूप में काम करता था। उस पर रोहतक के सदर थाने में आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसने अभिजीत को अलग-अलग तीन अवैध हथियार उपलब्ध कराए थे। जो अभिजीत के आवास जे-21 से बरामद किए जा चुके हैं।
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