गुुरुग्राम। मार्च की शुरुआत के साथ ही बोर्ड परीक्षार्थियों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, पाठ्यक्रम को पूरा कराना भी शिक्षकों के लिए बड़ी चुनौती हो गया है। दरअसल, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 20 अप्रैल से परीक्षाओं की घोषणा कर दी है। वहीं, कोरोना काल के चलते स्कूलों को सीमित समय के लिए खोला जा रहा है। इसी कड़ी में बोर्ड परीक्षार्थी को भी सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक ही स्कूल में रहने की अनुमति है।
ऐसे में हर साल की तरह अतिरिक्त कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। इस समय स्कूलों में प्री बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। सीमित समय के चलते विद्यार्थी परीक्षा करने के बाद सीधे घर जा रहे हैं। इसकी वजह से ऑफलाइन पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है।
हालांकि, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में पढ़ाई चल रही है। इसकी वजह से शिक्षकों का काम बढ़ गया है। शिक्षक ऑफलाइन कक्षाओं के बाद ऑनलाइन कक्षाओं में विद्यार्थियों से जुुड़ रहे हैं।
ऑफलाइन पाठ्यक्रम पूरा कराने में जुटे शिक्षक
शिक्षक मनोज शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों का ऑनलाइन पाठ्यक्रम पूरा हो चुका है लेकिन ऑनलाइन पाठ्यक्रम के भरोसे बेहतर परिणाम की उम्मीद गलत है। इसके लिए शिक्षकों को ऑफलाइन पाठ्यक्रम पूरा कराना होगा। शिक्षक कक्षाओं में जुटे हुए हैं लेकिन तीन घंटे में सभी विषयों के पाठ्यक्रम को पूरा कराना भी चुनौती बन गया है। शिक्षक नवीन ने बताया कि कोरोना काल में विद्यार्थियों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे में पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत शिक्षक कर रहे हैं।
प्रत्येक वर्ष अतिरिक्त कक्षाओं का शिड्यूल बनाया जाता था। वहीं, इस बार कोरोना के चलते कोई योजना नहीं बनाई गई है। कोरोना काल में विद्यार्थियों ने अधिक समय व्यर्थ किया है। शिक्षा विभाग को कोई योजना तैयार करनी होगी।
- सत्यनारायण, प्रदेश उपाध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ
शिक्षा विभाग द्वारा अतिरिक्त कक्षाओं की भी योजना बनाई जा रही है। अभी स्कूलों में प्री बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो चुकी है। इसके बाद विभाग अतिरिक्त कक्षाओं की योजना बना रहा है। इसके साथ ही बहुत से स्कूल सुबह के समय अतिरिक्त समय दे रहे हैं।
- अजय राघव, जिला नोडल अधिकारी, बोर्ड परीक्षा।