गोरक्षक बिट्टू बजरंगी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में फरीदाबाद की नीमका जल भेजा गया
आरोपी के अधिवक्ता ने नूंह जेल में बताया बजरंगी की जान को खतरा, भोंडसी जेल में भेजने का किया था अनुरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जलाभिषेक यात्रा के दौरान नूंह के नल्हड़ में हुई हिंसा के दौरान पुलिस टीम से बदतमीजी करने, सरकारी काम में बाधा डालने और हथियार छीनने के आरोपी गोरक्षक बिट्टू बजरंगी को बृहस्पतिवार को फरीदाबाद की नीमका जेल भेज दिया गया। पुलिस ने नूंह की एएसपी ऊषा कुंडू की एक शिकायत पर दर्ज एफआईआर के मामले में बिट्टू बजरंगी को मंगलवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। इस दौरान आरोपी को पूछताछ के लिए एक दिन के लिए रिमांड पर भी लिया गया था। रिमांड पर हुई पूछताछ में आरोपी ने कुछ अपने सहयोगियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
नूंह की सहायक पुलिस अधीक्षक उषा कुंडू की शिकायत पर नूंह के सदर पुलिस स्टेशन में बिट्टू के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की गई थी। नूंह पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि बजरंगी के कब्जे में आठ तलवारें मिली थीं। सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपी की पहचान की गई थी। बृहस्पतिवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को नूंह की सिविल जज अंजलि जैन की कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद बिट्टू बजरंगी को 14 दिन न्यायिक हिरासत में लेते फरीदाबाद की नीमका जेल भेज दिया।
कोर्ट में बिट्टू बजरंगी के वकील सोमदत्त शर्मा ने अदालत से मांग की कि उनके मुव्वकिल को नूंह जेल के बजाए गुरुग्राम की भोंडसी जेल भेजा जाना चाहिए। इसके पीछे तर्क दिया गया कि नूंह जेल में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के बंदी हैं, जोकि उनके मुव्वकिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर बिट्टू को नूंह जेल भेजा गया तो उसकी जान को खतरा है। बिट्टू के खिलाफ मुस्लिम कैदियों में गुस्सा है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आरोपी को गुरुग्राम की भोंडसी जेल भेजा जाना चाहिए। साथ ही जेल अधीक्षक को उचित निर्देश दिए जाने चाहिए।
जज ने मामले को गंभीरता को देखते हुए आरोपी बिट्टू बजरंगी को फरीदाबाद की नीमका जेल भेजने के आदेश कर दिए।
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रिमांड अवधि के दौरान आठ तलवारें बरामद
वहीं पुलिस ने एक दिन रिमांड अवधि में आरोपी बिट्टू बजरंगी की निशानदेही पर आठ तलवारें बरामद की हैं। रिमांड में और बिट्टू ने क्या कबूला है, इसका पुलिस ने अभी खुलासा नहीं किया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि और भी ऐसी कई बात बिट्टू ने कबूली हैं जिससे पुलिस को अन्य लोगों को गिरफ्तार करने में आसानी होगी।
एएसपी ऊषा कुंडू ने दर्ज कराई थी एफआईआर
एफआईआर के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पहचाने गए बजरंगी ने अपने कुछ अज्ञात समर्थकों के साथ एएसपी कुंडू के नेतृत्व वाली पुलिस टीम के साथ दुर्व्यवहार किया था और धमकी दी थी। यह सब उस समय हुआ जब आरोपी तलवार और त्रिशूल लेकर जा रहे थे। अपनी शिकायत में एएसपी उषा कुंडू ने कहा है कि वह नल्हड़ मंदिर से 300 मीटर दूर अपनी टीम के साथ ड्यूटी पर थीं। उसी दौरान लगभग 20 लोगों की भीड़ को तलवारें और त्रिशूल लेकर मंदिर की ओर मार्च करते देखा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एएसपी की टीम ने उनके हथियार छीन लिए और जब्त कर लिए। इस पर आरोपियों ने पुलिस के खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए और उनके साथ हाथापाई की। आरोपी पुलिस वाहनों के सामने बैठ गए। इसके तुरंत बाद उन्होंने पुलिस वाहन का पिछला गेट खोला और हथियारों के साथ भाग गए।
फरीदाबाद पुलिस भी कर चुकी है गिरफ्तार, दे दी गई थी जमानत
आरोपी बिट्टू बजरंगी को इससे पहले सांप्रदायिक झड़प से जुड़े एक अन्य मामले में हिंसा के दो दिन बाद ही फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी पर भड़काऊ भाषण देने और सार्वजनिक रूप से हथियार लहराने का आरोप लगाया गया था। हालांकि जांच में शामिल होने के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। विश्व हिंदू परिषद ने बुधवार को ही एक बयान जारी कर स्पष्ट किया था कि राज कुमार उर्फ बिट्टू बजरंगी का उनके साथ कभी कोई संबंध नहीं था।