प्रशिक्षण में पारदर्शिता सुनिश्चित करना उद्देश्य
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले की खेल नर्सरियों में अब प्रशिक्षकों की उपस्थिति बायोमेट्रिक सिस्टम के माध्यम से दर्ज की जा रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य खेल प्रशिक्षण में पारदर्शिता लाना और नियमितता सुनिश्चित करना है। खेल विभाग द्वारा यह कदम लंबे समय से आ रही हाजिरी संबंधी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
जानकारी के अनुसार कई नर्सरियों में प्रशिक्षकों की हाजिरी को लेकर समस्याएं आ रही थीं। कई नर्सरियों में प्रशिक्षक समय से नहीं पहुंच रहे थे, जिससे खिलाड़ियों को समय से प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा था। जिले में फिलहाल 17 सरकारी खेल नर्सरियां हैं। हर एक नर्सरी में 25 बच्चे हैं। अब सभी नर्सरियों के प्रशिक्षकों को निर्धारित समय पर बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी अनिवार्य होगी। ताकि खेल विभाग को पता चल सके की किस नर्सरी में प्रशिक्षक आ रहे हैं और किस समय आ रहे हैं। अगर कोई प्रशिक्षक नर्सरी में नहीं आ रहा या कम समय के लिए आ रहा है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खेल अधिकारी इस पूरी व्यवस्था की नियमित निगरानी करेंगी। साथ ही प्रत्येक सप्ताह प्रशिक्षकों की हाजिरी से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही को तुरंत पकड़ा जा सके। खेल विभाग का कहना है कि भविष्य में इस व्यवस्था की समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर इसमें और सुधार भी किए जाएंगे, ताकि जिले की खेल नर्सरियां प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को तैयार कर सकें।
जिला खेल अधिकारी आरती कोहली ने बताया कि बायोमेट्रिक हाजिरी से प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों दोनों में अनुशासन बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि खेल नर्सरियों में बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू करने का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण नियमित और पारदर्शी तरीके से चले। हर सप्ताह हाजिरी की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी, जिससे निगरानी और भी मजबूत होगी।