गुरुग्राम। भीम सेना चीफ सतपाल तंवर की अग्रिम जमानत याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव ने खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा है कि देशद्रोह का मामला गंभीर अपराध है, जिस पर कोई राहत नहीं दी जा सकती। लखनऊ पीठ ने कहा है कि याचिकाकर्ता सेशन कोर्ट में ट्रायल में शामिल हो और पुलिस के सामने सरेंडर कर दे।
भीम सेना के चीफ के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में देशद्रोह तथा अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें तंवर को गिरफ्तार करने के लिए यूपी पुलिस कई बार गुरुग्राम और दिल्ली में उसके ठिकानों पर छापे मार चुकी है। तंवर गिरफ्तारी के डर से भूमिगत चल रहे हैं। हालांकि, सतपाल ने एक जुलाई को यूपी पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने की घोषणा की थी लेकिन इसी बीच बड़ा कानूनी दांव चलते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली।
हाईकोर्ट से भी उसे तगड़ा झटका लगा है। बेल नहीं मिली और न ही मामला खारिज किया गया। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर भी रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है। नवाब सतपाल तंवर की पीआरओ सीमा चौहान ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। यदि आवश्यकता पड़ी तो भीम सेना सड़कों पर भी उतर सकती है। इनके खिलाफ लखनऊ के अलावा उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी मामले दर्ज हैं।