फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: पार्किंग और अधिकारी निवास में तीन साल से चल रहा बीडीपीओ कार्यालय

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण विकास कार्यों पर पड़ रहा असर, यहां महिला शौचालय भी नहीं है
विज्ञापन

बीडीपीओ निवास के पार्किंग में बने दफ्तर में बैठा कर्मचारी।
सर्वेंट क्वाटर में काम कर रहा कर्मचारी।
मोहम्मद शाहिद मेवाती
तावडू। पंचायत विभाग के कार्यालय की हालत तीन साल से अस्त-व्यस्त बनी हुई है। यह कार्यालय बीडीपीओ निवास और सर्वेंट क्वार्टर से चल रहा है। यह समस्या तब शुरू हुई जब तीन साल पहले अस्थायी अदालत के संचालन के लिए जिला प्रशासन ने पंचायत कार्यालय को खाली कराने के आदेश दिए थे। वर्तमान में समस्या का समाधान अधर में लटका हुआ है। कामकाज करने और उठने बैठने के लिए कर्मचारियों और पंचायत प्रतिनिधियों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है। खास बात यह है कि पूरे परिसर में महिलाओं के लिए अलग से एक भी शौचालय नहीं है।
पंचायत प्रतिनिधियों के मुताबिक, कार्यालय में अव्यवस्था का खामियाजा पंचायत सचिवों, सरपंचों, ब्लॉक समिति सदस्यों आदि को भुगतना पड़ रहा है। कार्यालय में बैठने और सुविधाओं की कमी से कामकाज प्रभावित हो रहा है। वर्ष 2022 में उपमंडल स्तरीय अदालत संचालन के लिए हाई कोर्ट व जिला अदालत के न्यायाधीशों और तत्कालीन डीसी ने निरीक्षण करने के बाद पंचायत विभाग के परिसर में बने राजीव गांधी केंद्र को खाली करने के आदेश दिए थे। जल्द अदालत की शुरुआत होने की उम्मीद के चलते क्षेत्रवासियों ने सरकार व प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए खुशी जताई। अदालत की शुरुआत तो नहीं हो सकी लेकिन पंचायत कार्यालय अपनी जगह होते हुए भी अस्त व्यस्त हो गया। अब तीन साल से राजीव गांधी केंद्र में ताला लटका है, जिसके चलते अधिकारी व कर्मचारी निवास भवनों व पार्किंग में बैठकर काम करने को मजबूर हैं। बता दें कि तावडू खण्ड में 54 पंचायतें और 29 ब्लाक समिति वार्ड हैं। कार्यालय में बीडीपीओ, उपमंडल अभियंता, 20 सचिव और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्थायी समाधान की मांग
तीन साल बीत जाने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। जल्द से जल्द पंचायत कार्यालय को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्थायी स्थान की व्यवस्था की मांग की जा रही है। तावडू खंड में पंचायत ब्लॉक समिति अध्यक्ष हसन मोहम्मद का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण विकास कार्यों पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
इस समस्सया के समाधान की मांग को लेकर जिला उपायुक्त को लिखा गया है। उम्मीद है जल्द समाधान होगा। - राजेश तिवाना, बीडीपीओ, तावडू
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें