हरियाणा एसटीएफ की गिरफ्त में राजू बसौदी
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गुरुग्राम। हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान व दिल्ली पुलिस के लिए सिरदर्द बने मोस्ट वांटेड बदमाश राजू बसौदी को शनिवार रात 3 बजे हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया। साढ़े तीन लाख रुपये का इनामी बदमाश बसौदी 2017 से फरार चल रहा था। एसटीएफ डीआईजी सतीश बालन ने बताया कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बदमाश बसौदी पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी समेत अन्य अपराध के 29 मामले दर्ज हैं। डीआईजी के मुताबिक बसौदी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है जिसमें कई और मामलों का खुलासा होगा।
डीआईजी सतीश बालन ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि अप्रैल 2019 में आखिरी बार बसौदी को सोनीपत व चंडीगढ़ में देखा गया था। इसके बाद वह पुलिस से बचने के लिए थाईलैंड भाग गया था। वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए वहीं से काम कर रहा था। बसौदी पर शिकंजा कसने के लिए एसटीएफ ने लुकआउट नोटिस जारी करा रखा था। शनिवार रात आईजीआई एयरपोर्ट प्रबंधन से सूचना मिली कि राजू बसौदी एयरपोर्ट पर है। सूचना के आधार पर एसटीएफ की गुरुग्राम, सोनीपत, रोहतक टीम ने एयरपोर्ट पहुंचकर उसे दबोच लिया। उसने बताया कि थाईलैंड सरकार की ओर से उसे डिपोर्ट कर दिया गया था, इसलिए वह भारत आया था। फिलहाल उसे गुरुग्राम स्थित एसटीएफ मुख्यालय में रखा गया है।
डीआईजी ने बताया कि सोनीपत के बसौदी गांव निवासी राजू पर कुल 29 मामले दर्ज हैं। 2017 से वह लगातार हरियाणा के अलावा राजस्थान, दिल्ली, पंजाबी व चंडीगढ़ में वारदात को अंजाम दे रहा था।
2019 में दोबारा आया था सुर्खियों में
2018 में काला जठेड़ी गैंग में कई वारदात को अंजाम देने के बाद वह फरार चल रहा था। 2 दिसंबर 2019 को महलोत में जिम के बाहर युवक की हत्या के बाद फेसबुक पर पोस्ट डालकर राजू बसौदी ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी। तब वह दोबारा सुर्खियों में आया था। तभी से एसटीएफ उसके पीछे लगी हुई थी। एसटीएफ ने बसौदी के लिए लुकआउट नोटिस जारी कराया था। फिलहाल वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गे के तौर पर काम कर रहा था।
16 साल से अपराध जगत में सक्रिय है बसौदी
पुलिस के मुताबिक बसौदी पर साल 2004 में चोरी के प्रयास का पहला मामला दिल्ली के बादली में दर्ज हुआ था। वर्ष 2010 में बसौदी ने हत्या जैसे संगीन अपराध करना शुरू किया। अप्रैल 2010 में सोनीपत के राई में हत्या की वारदात को अंजाम दिया। वर्ष 2011 में हत्या व लूट की 4 वारदात को सोनीपत व रोहतक में अंजाम दिया। वर्ष 2012 में बसौदी ने लूट व डकैती की वारदात कीं। 2017 में पुलिस की पकड़ से फरार होने के बाद बसौदी हत्या, लूट की वारदात को लगातार 2019 तक अंजाम देकर थाईलैंड फरार हो गया था।