पुलिस की गिरफ्त में बैंक मैनेजर
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साइबर अपराध थाना दक्षिण की पुलिस ने नवंबर 2025 में साइबर ठगी के एक मामले में संलिप्त बैंक मैनेजर 14 जनवरी को गुरुग्राम से पकड़ा है। आरोपी मैनेजर साइबर ठगों के कहे अनुसार 10 हजार रुपये कमीशन लेकर फर्जी तरीके से बैंक खाता खोलकर उपलब्ध कराता था। पुलिस इस ठगी के मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
आरोपी बैंक मैनेजर की पहचान दिल्ली के बिजवासन निवासी अनूप (35 वर्ष) के रूप में हुई है। उसने एमबीए तक शिक्षा ग्रहण की है। आरोपी अनूप से पूछताछ में पता चला कि वह वर्ष 2024 से गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित आरबीएल बैंक शाखा में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर काम कर रहा था। एक नवंबर 2025 को निवेश से मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगी गई राशि में से दो लाख रुपये तारा लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे।
यह बैंक खाता बैंक मैनेजर अनूप (आरोपी) ने साइबर ठगी करने वालों के कहने पर खोला था। इसके बदले अनूप को 10 हजार रुपये का कमीशन मिला था। यह साइबर ठगों के कहने पर अब तक पांच बैंक खाते खोल चुका था। प्रत्येक बैंक खाता खोलने के बदले उसे 10-10 हजार रुपये कमीशन मिला था।
आरोपी अनूप को बृहस्पतिवार को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है। इस साइबर ठगी मामले में संलिप्त पांच आरोपियों शेर बहादुर कार्की, मिलन थापा, यनजय राय, मनीष और विरेंद्र पाल सिंह को 30 दिसंबर 2025 को राजेंद्रा पार्क से गिरफ्तार किया जा चुका है। - प्रियांशु दीवान, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध), गुरुग्राम