अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भिवानी में दो गो तस्करों की जलाकर हुई हत्या के मामले में गोरक्षकों के खिलाफ राजस्थान पुलिस की ओर से मामला दर्ज किए जाने के बाद बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को उपायुक्त आवास के सामने प्रदर्शन किया। उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान ओवैसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बजरंग दल के पदाधिकारी देवेन्द्र सिंह ने बताया राजस्थान सरकार जानबूझकर गो रक्षकों को परेशान कर रही है। उपायुक्त को भेजे गए ज्ञापन में मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। पुलिस ने जिन कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। उसकी पहले जांच हो अगर आरोप सही पाये जाते हैं तभी कार्रवाई हो। जांच पूरी होने तक किसी व्यक्ति को केवल इस आधार पर न गिरफ्तार किया जा कि उसका नाम गो तस्कर के भाई ने लिया है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों को कठोर सजा हो। बजरंग दल का नाम लेने व झूठे आरोप के लिए राजस्थान सरकार माफी मांगे।
हिन्दू नेता कुलभूषण भारद्वाज ने सरकार से मांग किया कि वह मोनू मानेसर को गिरफ्तार करने के लिए घूम रही राजस्थान पुलिस को अपनी सीमा में प्रवेश न दे। जिस तरह से पंजाब सरकार ने दिल्ली के भाजपा नेता बग्गा के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पंजाब पुलिस उसे दिल्ली से गिरफ्तार करके ले जा रही थी। हरियाणा पुलिस ने उसे करनाल में उतार लिया था। उसी तरह से मोनू मानेसर के साथ भी होना चाहिए।
गोरक्षक की हत्या पर कांग्रेस ने नहीं दिया था कोई मुआवजा
हिन्दू नेता कुलभूषण भारद्वाज का कहना है कि दस साल पहले गो तस्करों ने गुरुग्राम में विक्रांत यादव की हत्या हुई थी। उस समय प्रदेश में कांग्रेस सरकार थी। सरकार की ओर से मुआवजा देना तो दूर की बात है कोई ही उसके दरवाजे पर नहीं पहुंचा था। आज राजस्थान में कांग्रेस सरकार है। उसी सरकार ने गो तस्करों के परिजनों को 15-15 लाख रुपये मुआवजा व सरकारी नौकरी दी है। यह कहां का न्याय है।