एनएसजी में सिविल कांट्रेक्ट दिलाने के नाम पर दिया था वारदात को अंजाम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश तरुण सिंघल की अदालत ने एनएसजी में सिविल कांट्रेक्ट दिलाने के नाम पर 125 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी प्रवीण यादव निवासी खेड़ा खुर्रमपुर की जमानत याचिका रद्द कर दी है।
थाना मानेसर में दर्ज एफआईआर के मुताबिक एनएसजी(राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) में सिविल कांट्रेक्ट दिलाने के नाम पर 125 करोड़ की ठगी करने का मामला आठ जनवरी 2022 को सामने आया था। इस मामले में ठगी का आरोप एनएसजी में डिप्टी कमांडेंट रहे प्रवीन यादव के साथ उसकी पत्नी ममता, बहन रितुराज, जीजा नवीन, पिता व अन्य सहयोगियों पर है। प्रवीन ने खुद को आईपीएस अधिकारी और एनएसजी का ग्रुप कमांडर बताकर चार कंपनियों को कांट्रेक्ट दिलाने के नाम पर ठगी की थी। इस मामले में कुल 5 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। एसआईटी (विशेष जांच दल) ने इस मामले में कार्यवाही करते हुए प्रवीन, ममता, रितुराज और प्रॉपर्टी डीलर दिनेश को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच करते हुए आरोपियों के पास से 13.81 करोड़ रुपये नकद के साथ कई महंगी कार, जूलरी, लैपटॉप आदि बरामद किया था।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत याचिका में दलील दी कि उनके मुवक्किल को पुलिस के साथ मिलकर झूठे केस में फंसाया गया है। इसने कोई अपराध नहीं किया है। इस मामले में पुलिस के द्वारा बनाए गए आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।