कैंसर के 60 से 70 प्रतिशत मामले तंबाकू, धूम्रपान, शराब, मोटापा और फास्ट फूड के कारण आ रहे
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। खराब जीवनशैली और खानपान कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बनती जा रही हैं। तंबाकू, धूम्रपान, शराब, मोटापा और फास्ट फूड का बढ़ता चलन लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर के 60 से 70 प्रतिशत मामले इन्हीं कारणों से आ रहे हैं। प्रोस्टेट कैंसर के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। 2040 तक करीब 24 लाख प्रोस्टेट कैंसर के नए मामले सामने आ सकते हैं। समय पर इलाज न होना भी बीमारी को बढ़ावा देता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी बोझ पड़ सकता है। भारत में खासतौर से प्रोस्टेट व आंतों का कैंसर युवाओं में पाया जा रहा है।
प्रोस्टेट कैंसर की पहचान
-बार-बार यूरिन आना
-पुरुषों में प्रोस्टेट ग्लैंड का बढ़ना
-यूरिन के रंग में बदलाव
...तो इलाज संभव है
कैंसर की पहचान पहली स्टेज में कर लिया जाए तो उसका इलाज संभव और अधिक कारगर होता है। देर से पता चलने पर इलाज महंगा हो जाता है। समय पर जांच और जागरूकता से जान बचाई जा सकती है। डॉक्टरों की मानें तो मरीज कैंसर पीड़ित हिम्मत न हारे तो इससे बचा जा सकता है।
कैंसर मरीजों को यहां मिलती है मदद
-एनजीओ से
-आयुष्मान योजना के जरिए
-पीएम व सीएम फंड
-लोगों से फंड एकत्रित करके (क्राउड फंडिंग)
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हिम्मत नहीं हारी और जीत ली जिंदगी की जंग
मेरे शरीर में कैंसर है। यह 2008 में पता चला। शुरुआत में झटका लगा। मैंने हिम्मत से काम लिया। पति और परिवार का पूरा साथ मिला। मुझे कैंसर से लड़ने की ताकत मिली। उस समय मेरा बेटा सात साल का था। डर था। आखिरकार कैंसर से जंग जीत ही गई। पीया बाजवा, कैंसर पीड़ित
मेरी उम्र काफी कम थी। लगातार खांसी और सांस लेने में गंभीर तकलीफ की शिकायत के बाद जांच कराई। उसमें पता चला कि मुझे मेटास्टेटिक जर्म सेल ट्यूमर है जो एक दुर्लभ और आक्रामक प्रकार का कैंसर है। परिवार से साथ मिला तो कैंसर से लड़ने में काफी मदद मिली। -श्रयान
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डाॅक्टर से बातचीत
गलत खानपान और अनियमित जीवन शैली के कारण युवाओं में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यदि शुरुआती लक्षण समय पर पहचान लिए जाएं तो इलाज संभव है। डाॅ. वेदांत काबरा, प्रिंसिपल डायरेक्टर, कैंसर सर्जरी
कैंसर का प्रभावी इलाज है। कीमोथेरेपी कोशिकाओं की वृद्धि रोकती है। यह उन मरीजों के लिए उपयोगी है, जिनमें कैंसर फैल चुका हो या सर्जरी के बाद लौटने की आशंका हो। थकान, बाल झड़ना जैसे इसके लक्षण होते हैं।डॉ. मुकेश पाटेकर, यूनिट हेड, मेडिकल ऑन्कोलॉजी