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उभरती प्रतिभाओं के आड़े आया खराब क्रिकेट मैदान

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गुरुग्राम (अंजू सिंह)। एक तरफ जहां भारतीय क्रिकेट टीम के कैप्टन विराट कोहली गुरुग्राम में रहते हैं, वहीं यहां की क्रिकेट प्रतिभाओं पर अव्यवस्था हावी है। ताऊ देवीलाल स्टेडियम के क्रिकेट मैदान में सैकड़ों खिलाड़ी अभ्यास करते रहे हैं। इसे 2 साल पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने की योजना बनाई गई, लेकिन घोषणा के बाद योजना फाइलों में दब कर रह गई है। स्थिति यह है कि जहां खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं की आस लगाए बैठे थे, वहीं आज यहां का क्रिकेट मैदान ही उनके अभ्यास के आड़े आ रहा है। खिलाड़ी और प्रशिक्षक मैदान के समतल नहीं होने से परेशान हैं।
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2004 से पहले बने इस मैदान को अब तक एक भी बार समतल नहीं किया गया है। मैदान में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। तंबू लगाने की वजह से जगह-जगह गड्डे किए जाते हैं, जिससे मैदान खराब होने से यहां खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पाते हैं। वहीं अधिकारी ग्राउंड के ठीक होने की बात कहकर खुद का बचाव कर लेते हैं। विभाग द्वारा मैदानों के प्रति लापरवाही उभरती प्रतिभाओं के आड़े आ रही है।
खेल निदेशालय द्वारा 2018 में इस मैदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मैदान बनाने की योजना बनाई गई थी। दरअसल एयरपोर्ट के नजदीक होने, 4 हजार से ज्यादा लोगों की क्षमता व अन्य मापदंडों को पूरा करने की क्षमता इस मैदान में है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट को पूरा होने की उम्मीद की गई थी, वहीं दो बार रिपोर्ट को आगे भेजी जा चुकी है।
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कई बार जीएमडीए के आगे समस्या रखी
प्रशिक्षक और खिलाड़ियों द्वारा कई बार जीएमडीए के आगे इन समस्या को रखने के बाद भी मैदान को समतल नहीं कराया जा सका है। मैदान के चारों ओर लगी लोहे की जाली भी जगह-जगह से टूट चुकी है। अभ्यास के दौरान ही जानवर मैदान में प्रवेश कर जाते हैं। स्थिति यह है कि इस मैदान में मात्र 35 खिलाड़ी ही अभ्यास करते हैं।
वीवीआईपी आने पर नहीं मिलता प्रवेश
क्रिकेट ग्राउंड में हेलीपैड बनाया गया है। यहां वीवीआईपी के हेलीकॉप्टर भी उतरते हैं। जिसकी वजह से यहां खिलाड़ियों के अभ्यास में भी दिक्कत आती है। मुख्यमंत्री या अन्य वीवीआईपी के हेलीकॉप्टर आने के बाद खिलाड़ियों को मैदान में नहीं आने दिया जाता है।
घट रही है खिलाड़ियों की संख्या
प्रशिक्षक प्रवीण रंगा ने बताया कि 2018 में क्रिकेट मैदान अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैचों के लिए तैयार किया जाना था। इस संबंध में सर्वे करने के बाद दो बार फाइल भी भेजी जा चुकी है। लेकिन वर्तमान में इस ग्राउंड की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। दूर से ठीक नजर आने वाले मैदान में खिलाड़ियों के लिए अभ्यास करना कठिन हो गया है। पिच का क्षेत्र ही समतल नहीं है। इस संबंध में कई बार स्टेडियम के अधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हो सका है। मैदान की स्थिति सही नहीं होने पर खिलाड़ियों की संख्या घट रही है।
खिलाड़ी हर रोज होते हैं चोटिल- परिचर्चा
मैदान की स्थिति खराब है। कई बार अभ्यास करते समय चोटें लगती हैं। लेवल ठीक नहीं होने पर बॉल की दिशा अचानक बदलती है। ऐसे में बहुत से खिलाड़ी अन्य अकादम की ओर रुख करते हैं।- सूर्या, खिलाड़ी
अंतरराष्ट्रीय मैदान बनने की योजना से इस ग्राउंड की स्थिति सुधरने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। मैदान में कई खामियां हैं।
- जतिन, खिलाड़ी
ग्राउंड ठीक नहीं होने की वजह से अभ्यास नहीं हो पा रहा है। लेवल ऊपर नीचे होने पर कई बार पैर मुड़ चुका है। काफी समय से अभ्यास कर रहे हैं। मैदान सही नहीं होने पर खेल में निखार नहीं आ रहा है।
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-नयन, खिलाड़ी
मैदान में सही प्रेक्टिस हो तो बड़े खिलाड़ी बाहर निकल सकते हैं, लेकिन मैदान में व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं। एक ही समय अभ्यास के लिए पहुंच रहे हैं।
- वेदांत, खिलाड़ी
ताऊ देवीलाल स्टेडियम में मैदानों का कार्यभार जीएमडीए के अंडर आता है। इस संबंध में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
-जेजी बनर्जी, जिला खेल अधिकारी
इस मैदान में कई बड़े खेल हो चुके हैं। मैदान की स्थिति ठीक है। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का मैदान बनाने की कवायद 2018 से पहले की गई थी।
- सुखबीर सिंह, ताऊ देवी लाल स्टेडियम मैनेजर
खेले जा चुके हैं कई बड़े मैच
14 फरवरी 2004- दिलीप ट्रॉफी
25 नवंबर 2004- रणजी ट्रॉफी
30 मार्च 2005- रणजी ट्रॉफी
2007 - आईसीएल मैच गुरुग्राम
कूच विहार अंडर 19 ट्रॉफी
विजय मर्चेंट अंडर 17 ट्रॉफी
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