गुरुग्राम। गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगम का स्पेशल ऑडिट शुरू हो चुका है। इसके लिए चंडीगढ़ से विशेष टीम गुरुग्राम पहुंची है और पिछले दो दिन से सेक्टर-34 स्थित नगर निगम कार्यालय में दस्तावेज खंगाल रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को भी टीम नगर निगम कार्यालय में मौजूद रही। सूत्रों के मुताबिक टीम राजस्व विभाग से संबंधित कई अहम दस्तावेज के साथ आय-व्यय का पूरा ब्योरा भी एकत्र कर रही है। ऑडिट टीम के आने के बाद नगर निगम में सुगबुगाहट तो बढ़ी है, लेकिन अधिकारी व कर्मचारी इस बारे में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। मालूम हो कि पिछले 3 फरवरी को शहरी निकाय मंत्री अनिल विज गुरुग्राम दौरे के दौरान अचानक नगर निगम के अधिकारियों की बैठक में पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने गुरुग्राम व फरीदाबाद नगर निगम का स्पेशल ऑडिट कराने की बात कही थी।
सूत्रों के मुताबिक निगम में पूर्व में बिना टेंडर के हुए कार्यों समेत कई वित्तीय अनियमितताओं को केंद्र में रखते हुए ऑडिट टीम गुरुग्राम पहुंची है। इस दौरान टीम पिछले वर्षों में हुई खरीद, भुगतान, आय-व्यय व विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर खर्च से संबंधित दस्तावेज खंगाल रही है। ऑडिट टीम ने भी पूर्व में कार्यरत विभिन्न अधिकारियों के कार्यकाल से संबंधित पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले हैं। मंत्री अनिल विज ने विधानसभा में भी दोनों नगर निगम में पिछले 5 साल के दौरान हुए आय-व्यय का ऑडिट कराने की बात कही थी।
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इन विभागों से संबंधित हैं अधिकांश शिकायतें
सूत्रों के मुताबिक फरीदाबाद व गुरुग्राम नगर निगम में वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित अनेक शिकायतें सरकार तक पहुंची हैं, जिसमें से अधिकांश शिकायतें इंजीनियरिंग, अकाउंट्स व योजना शाखा से संबंधित हैं। इसी आधार पर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने महालेखाकार (एजी) को ऑडिट करने के लिए पत्र लिखा था। कहा जा रहा है कि अगर बारीकी से जांच की गई तो कई अधिकारियों पर शिकंजा कस सकता है। मालूम हो कि गुरुग्राम को प्रदेश में सर्वाधिक राजस्व वाला नगर निगम माना जाता है और दोनों ही निगमों में भ्रष्टाचार की बात समय-समय पर सामने आती रही है।