कांग्रेस से नाता तोड़ चुके प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक तंवर अपने मरोड़ और अकड़ ढीली कार्यक्रम के तहत रविवार को गुरुग्राम पहुंचे। यहां उन्होंने गुड़गांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के बागी उम्मीदवार गजे सिंह कबलाना के कार्यालय में सभा को संबोधित किया।
उन्होंने ऐलान किया कि वह उन सभी उम्मीदवारों का प्रचार करेंगे, जिन्होंने कांग्रेस के लिए जमकर कार्य किया था, लेकिन अब उन्हें टिकट नहीं दिया गया। अशोक तंवर ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव में टिकट देने में कुछ नेताओं ने मनमानी की है। उन्होंने अपने चहेतों को टिकट दे दिया जबकि कई वर्षों से कांग्रेस का कार्य कर रहे नेताओं के नामों पर विचार नहीं किया गया।
इस कारण ही उन्होंने कांग्रेस के सभी पदों के बाद उससे भी त्याग पत्र दे दिया। वहीं उन्होंने कहा कि अभी उनकी बात नहीं सुनने वालेे नेताओं को विधानसभा चुनाव में उनकी साख के बारे में मालूम होगा। वह अब मुक्त है और विधानसभा चुनाव में प्रदेश में कांग्रेस से बागी होकर मैदान में कूदे अपने सभी साथियों का प्रचार करेंगे। मगर उनकी कांग्रेस के खिलाफ प्रचार की कोई मंशा नहीं है।
दूसरी ओर उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ब्रिगेड के साथियों के साथ कांग्रेस आलाकमान में बैठे कुछ लोग खिलवाड़ कर रहे है। ऐसे लोग पार्टी के लिए कार्य करने वालों को साइड लाइन करने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्हीं नेताओं ने ही राज्य विधानसभा चुनाव के टिकट बंटवारे में उनको साइड लाइन कर दिया। इस कारण बीते 25 सालों से कांग्रेस सबसे बुरे दौर से गुजर रही है।
उन्होंने गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े कैप्टन अजय यादव का नाम लिए बिना उनके संबंध में पार्टी के नेताओं की सोच का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि कुछ नेता उन्हें पागल करार देकर पार्टी से निकालने के बारे में विचार कर रहे थे। मगर उन्होंने ऐसे नेताओं का कड़ा विरोध किया और अजय यादव को पार्टी से निकालने नहीं दिया। इतना ही नहीं, उन्हें इसके बाद लोकसभा का टिकट भी मिला।