गुरुग्राम। पिछले 2 सप्ताह से भी ज्यादा समय से चल रही आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल के चलते जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। खासकर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो गई हैं। इसी क्रम में सोमवार को भी जिले की आशा कार्यकर्ताओं ने हड़ताल की।
गुरुग्राम की कार्यकर्ताओं ने जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर, सोहना और पटौदी की आशाओं ने संबंधित विकासखंड मुख्यालयों पर धरना दिया। इसके चलते प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज एवं टीकाकरण के लिए जाने वाली महिलाओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ आशा कार्यकर्ता झुकने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है। आशा वर्कर्स एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष मीरा देवी ने बताया कि सरकार जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी आशा कार्यकर्ता इसी तरह से हड़ताल करती रहेंगी।
आशा कार्यकर्ताओं ने मांगे न माने जाने पर आगामी दिनों में हड़ताल को और व्यापक करने का निर्णय लिया है। इनकी प्रमुख मांगों में स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे को मजबूत करने, एनएचएम को स्थाई करने, कोरोना कार्य में लगी आशा कार्यकर्ताओं को जोखिम भत्ते के तौर पर 4000 रुपये प्रतिमाह दिए जाने व केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि का 50 फीसदी राज्य सरकार द्वारा दिए जाने समेत कई अन्य मांगे शामिल हैं।