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Gurugram News: थाना क्षेत्र के पांच-पांच मोस्ट वांटेड अपराधियों का रिकॉर्ड खंगालकर करें गिरफ्तार

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हरियाणा के प्रत्येक जिलों के थाना प्रभारियों को दिए निर्देश, 20 नवंबर तक देनी होगी रिपोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने शनिवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हरियाणा के प्रत्येक जिलों के थाना प्रभारी अपने थाना क्षेत्र के पांच-पांच मोस्ट वांटेड अपराधियों का रिकॉर्ड खंगालकर उनको गिरफ्तार करें। मोस्ट वांटेड अपराधियों गिरफ्तारी रिपोर्ट 20 नवंबर तक अपने जिले के पुलिस आयुक्त व एसपी कार्यालय में उपलब्ध कराएं। वहीं, ऑपरेशन ट्रैकडाउन के तहत 56 कुख्यात अपराधियों को जेल भेजा गया है।
बैठक का उद्देश्य कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, यातायात प्रबंधन एवं जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग की प्रगति की समीक्षा करना था। डीजीपी ने बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों से कहा कि पुलिस का चेहरा जनता के विश्वास से पहचाने, इसके लिए हमें न केवल अपराधों पर नियंत्रण रखना है, बल्कि नागरिकों को सुरक्षा और न्याय का भरोसा दिलाना भी हमारी जिम्मेदारी है।
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पुलिस महानिदेशक ने पुलिस उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने क्षेत्र में जो अपराधी बेल पर हैं उनकी निगरानी रखें, अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोले, किसी भी प्रकार के अपराध में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें और वांछितों को गिरफ्तार करें।
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शिकायत मिलने पर होंगे बर्खास्त : ओपी सिंह

गुरुग्राम। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने पुलिस अधिकारियों व कर्मियों द्वारा लोगों के साथ अच्छा व विनम्र व्यवहार रखने के लिए कहा। उन्होंने पुलिस थानों या सड़कों पर ड्यूटी करने के दौरान पुलिसकर्मियों को लोगों के साथ सम्मान के साथ बातचीत करने और उनकी समस्याओं को सुनने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी पुलिस जवान द्वारा लोगों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है तो बर्खास्त किए जाने की कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने हरियाणा में फ्रिक्शन-फ्री पुलिसिंग पर भी जोर देते हुए कहा कि पुलिस आम जनता को तंग न करे। उन्होंने पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा सहित अन्य पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता के बीच पुलिस की अच्छी छवि बनाकर रखें और लोगों में पुलिस के नाम से डराना नहीं है। ब्यूरो

जांच के दौरान 20 फीसदी एफआईआर फर्जी

गुरुग्राम। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में थानों में एफआईआर दर्ज कराने आने वाले लोगों को सहयोग करें। वहीं, उन्होंने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में 20 फीसदी एफआईआर जांच के दौरान फर्जी पाई जा रही हैं। ऐसे में पुलिस के समक्ष थानों में मामले दर्ज करने और जांच करने में काफी परेशानी आती है। झूठी एफआईआर दर्ज कराने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही हैै। आसानी से एफआईआर दर्ज कराने की बात पर डीजीपी ने कहा कि आर्थिक अपराध के मामलों में शिकायतें अंग्रेजी भाषा में काफी लंबी-चौड़ी लिखी जाती हैं। ऐसे में 12वीं या स्नातक पास पुलिसकर्मियों को उनको समझने व जांच में अधिक समय लगता है। ऐसे में शिकायत दर्ज कराने वालों को भी पुलिसकर्मियों द्वारा समझाना चाहिए कि उनके मामले में जांच व कार्रवाई में कितना समय लगेगा। ब्यूरो
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शराब पीने वाले ग्राहक घर लौटने के लिए करें कैब बुक
पुलिस महानिदेशक ने गुरुग्राम व उसके आसपास दुर्घटनाओं के दो आम कारणों पर भी चर्चा की। नशे में गाड़ी चलाने के लिए, उन्होंने कहा कि पुलिस को यह स्वीकार करना होगा कि युवा आबादी वाले शहर में नाइटलाइफ और क्लबिंग आम है, जिनमें से कई अकेले हैं और परिवारों से दूर हैं। नाइटलाइफ भी जीवन का एक तरीका है। काम के बाद, लोग रेस्तरां और क्लबों में जाते हैं, खासकर मिलेनियम सिटी और किसी भी महानगर में जो निवेश का केंद्र है। ऐसे में नशे में ड्राइविंग दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उन्होंने प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय पर जोर दिया कि संरक्षक घर जाने के लिए कैब बुक करें या ग्रुप के साथ जा रहे ड्राइवर को शराब न परोसी जाए। डीजीपी की इस बात पर पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने कहा कि गुरुग्राम पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 168 (संज्ञेय अपराध को रोकने के लिए पुलिस की शक्तियां) के तहत क्लबों और रेस्तरां को नोटिस दिए हैं। उसी में, बाउंसरों और अन्य कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि शराब पीने वाले ग्राहक कैब से लौटें और घर न जाएं।





प्रवीन कुमार
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