फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों पर होगी धन वर्षा: अब हरियाणा में भी हो सकेगी सेब-नाशपाती-आलू बुखारे की खेती, होगा इस तकनीक का इस्तेमाल

Sat, 25 Jan 2025 06:30 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम

सार

आधुनिक युग में कृषि के विविधीकरण के तहत सेब, नाशपाती, आड़ू और आलू बुखारा जैसे लाभदायक फलों की खेती एसजीटी विश्वविद्यालय के अनुसंधान पर आधारित सराहनीय कदम है। 
विज्ञापन
हरियाणा में होगी अब सेब, नाशपाती और आलू बुखारे की खेती - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिण हरियाणा में अब सेब, नाशपाती और आलू बुखारे जैसे अन्य फसलों की खेती हो सकेगी। एक निजी विश्वविद्यालय के कृषि संकाय ने दक्षिण हरियाणा में कम ठंडे क्षेत्रों में उगाई जाने वाली सेब, नाशपाती, आड़ू एवं आलू बुखारे की किस्मों की खेती की अहम पहल की है।

विज्ञापन

गुरुग्राम समेत अन्य इस क्षेत्र के जिले जो अब तक इन फलों की खेती के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते थे। अब इन चुनिंदा किस्मों एवं कृषि प्रोद्यौगिकी के माध्यम से इन फसलों की उपज पाने का प्रयास किया जाएगा। गुरुग्राम क्षेत्र में परंपरागत फसलें जैसे गेहूं, सरसों एवं बाजरे की प्रमुख रूप से खेती की जाती है। 

आधुनिक युग में कृषि के विविधीकरण के तहत सेब, नाशपाती, आड़ू और आलू बुखारा जैसे लाभदायक फलों की खेती एसजीटी विश्वविद्यालय के अनुसंधान पर आधारित सराहनीय कदम है। सम शीतोष्ण (लो चिलिंग) किस्मों का चयन इस परियोजना की सफलता में अहम भूमिका निभा सकता है। 
विज्ञापन

गुरुग्राम की जलवायु इन किस्मों की उपज के प्राकृतिक रूप से पूरी तरह अनुकूल नहीं है। कृषि संकाय की अध्यक्ष डॉ. पूजा पंत ने कहा कि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों को इस क्षेत्र के लिए नए किस्मों और कृषि तकनीकों को अध्ययन करके नई पद्धति का विकास करने में मदद करेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें