2013 में किया था शिकायतकर्ता ने फ्लैट बुक, 2017 में मिलना था पजेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नौ साल की देरी से भी फ्लैट का पजेशन न देने पर अंसल कंपनी 10.80 प्रतिशत की दर से खरीदार को ब्याज देगी। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम के चेयरमैन अरुण शर्मा ने दिया है।
नई दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी निवासी बलबीर सिंह ने प्राधिकरण में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने 2013 में सेक्टर-103 में अंसल की तरफ से विकसित की जा रही अंसल एस्टेला सोसाइटी में एक फ्लैट बुक किया था। कंपनी से इसको लेकर 23 मई 2013 में 64.67 लाख रुपये में करार हुआ था। कंपनी की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि 36 महीने में फ्लैट का पजेशन दे दिया जाएगा। यानी की फ्लैट खरीदार को 2017 में फ्लैट का पजेशन मिल जाना चाहिए था लेकिन उन्हें पजेशन नहीं मिल सका।
कंपनी की तरफ से प्राधिकरण में बताया गया कि उन्होंने मिट्टी की खुदाई की अनुमति संबंधित विभाग से ले ली थी। हाई कोर्ट के आदेश की अनुपालना के चलते वह वहां से जमीन से पानी नहीं हटा सकते थे। इसके लिए परियोजना का पूरा होने में समय लगा।
प्राधिकरण ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अंसल कंपनी को आदेश दिया है कि वह फ्लैट खरीदार को 23 दिसंबर 2016 से पजेशन देने तक 10.80 प्रतिशत की दर से ब्याज देंगे। कंपनी को संबंधित विभाग से ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट मिलने के दो महीने के अंदर ही खरीदार को पजेशन देना होगा।