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Gurugram News: ड्रॉपआउट छात्रों और गैर-साक्षर बुजुर्गों को कराया जाएगा अक्षर ज्ञान

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ड्राॅपआउट बच्चों से गैर-साक्षर बुजुर्गों को कराया जाएगा अक्षर ज्ञान
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-हरियाणा में उल्लास एप के माध्यम से कराई जाएगी ऑनलाइन पढ़ाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शिक्षा विभाग की ओर से अब स्कूल ड्राॅपआउट बच्चों से लेकर युवाओं और गैर-साक्षर बुजुर्गों को अक्षर का ज्ञान कराया जाएगा। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (एनआईएलपी) के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम (एससीईआरटी) की ओर से योजना पर कार्य किया जा रहा है। उल्लास एप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी।
योजना के तहत पूर्व अध्यापकों, समाज सेवियों, अध्यापकों, पढ़े-लिखे युवाओं का सहयोग लिया जाएगा। विभाग की ओर से एससीईआरटी को 22 लाख रुपये का बजट भी जारी किया गया है। एससीईआरटी में अगले सप्ताह बैठक होगी, जिसमें हरियाणा के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (एनआईएलपी) का उद्देश्य, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 15 वर्ष या इससे अधिक आयुवर्ग में गैर-साक्षर लोगों के बीच साक्षरता को बढ़ावा देने में सहायता करना है। योजना को स्वयं सेवा के माध्यम से ऑनलाइन मोड में लागू किया जाएगा।
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स्वयं सेवकों के प्रशिक्षण, अभिविन्यास, कार्यशालाओं का आयोजन फेस-टू-फेस मोड के माध्यम से किया जा सकता है। पंजीकृत स्वयं सेवकों को सभी सामग्री और संसाधन डिजिटल मोड के माध्यम से डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कार्यक्रम के तहत निरक्षरों की पहचान कर उल्लास एप पर पंजीकरण कराया जाएगा। पंजीकरण करवाने वालों को एनजीओ, स्वयंसेवकों, पूर्व अध्यापकों सहित अन्य माध्यमों से साक्षर करने का प्रयास किया जाएगा।


गैर-साक्षरों की कराई जाएगी पहचान
स्कूलों से ड्रॉपआउट बच्चों व युवाओं और गैर-साक्षर लोगों की परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के माध्यम से की जाएगी। क्योंकि पीपीपी में किसी भी परिवार की पूरी जानकारी उपलब्ध होती है। ऐसे में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से गैर-साक्षर लोगों की पहचान करके नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (एनआईएलपी) में उनके पंजीकरण कराए जाएंगे। ऐसे में गैर-साक्षर लोगों का सर्वे करने में आसानी होगी।

वर्ष-2027 तक शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य
वर्ष-2027 तक हरियाणा को शत प्रतिशत साक्षर बनाने के लिए उल्लास जन-जन साक्षर अभियान के तहत प्रभावी रूप से काम किया जाएगा। जिला स्तर पर कमेटी बनाई जाएंगी, जो इस कार्य की जिलेभर में निगरानी रखेगी। इस कमेटी में खंड विकास एवं पंचायत विभाग के साथ जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी, ग्राम स्तर पर कमेटियों का गठन, एनजीओ, स्वयंसेवकों को भी शामिल किया जाएगा। इन कमेटियों पर खंड शिक्षा अधिकारी नियमित रूप से निगरानी रखेंगे।
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वर्जन
प्रदेश में साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए नव भारत साक्षर कार्यक्रम- उल्लास मील का पत्थर साबित होगा। विभाग की ओर से एससीईआरटी को 22 लाख रुपये का बजट जारी हो चुका है। नवंबर माह के दूसरे सप्ताह में मास्टर ट्रेनर को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एससीईआरटी व डाइट संयुक्त रूप से इस योजना में कार्य करेंगी। परिवार पहचान पत्र से गैर-साक्षर लोगों की पहचान की जाएगी। योजना पर आगामी रूपरेखा पर चर्चा के लिए एससीईआरटी में अगले सप्ताह अधिकारियों की बैठक भी आयोजित होगी। - सुनील बजाज, संयुक्त निदेशक, एससीईआरटी गुरुग्राम।
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