तीन मई 2016 की रात न्यू पालम विहार में हुई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम क्लास (जेएमआईसी) मानसी गौड़ की कोर्ट ने मारपीट और जान से मारने की धमकी देने समेत अन्य मामले में तीन आरोपियों को सबूतों और गवाहों के अभाव में बरी कर दिया है।
कन्हई निवासी अरुण यादव ने पालम विहार थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया था उनकी रेडीमेड कपड़ों की फैक्ट्री कापसहेड़ा, दिल्ली में है। तीन मई 2016 की रात 8 बजे न्यू कॉलोनी गया था और रात 10: 30 बजे फैक्ट्री जा रहा था। कृष्णा चौक पालम विहार शराब के ठेके पर रुक गया और एक बीयर की बोतल खरीदी। अपनी गाड़ी में बैठा था कि सोमबीर नामक युवक आया, जिसे पहले से जानता था। आरोपी के साथ पैसे का लेनदेन है। आरोपी कार में आकर बैठ गया और एक लड़के को बोला कि 2,3 बीयर ले आ। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी बीच सोमवीर ने अन्य को बुला लिया और कहने लगा कि इसे उठाकर अपनी कार में डाल लो। इसका पिता 20 लाख रुपये देगा। इस पर तीन-चार युवकों ने बेसबाॅल से पीटा और बीयर की बोतल से बुरी तरह मारा। शोर मचाने पर आरोपी भाग लिए। शिकायत पर पुलिस ने चार मई 2016 को मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया था। जांच के आधार पर पालम विहार थाना पुलिस ने बहादुरगढ़ निवासी सोमबीर, भिवानी निवासी अनिल व सोनीपत निवासी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में कोर्ट ने आरोपी प्रदीप, अनिल और सोमबीर को जमानत दे दी थी। इस मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम क्लास मानसी गौड़ में चल रही थी। कोर्ट में अभियोजन ने कुल पांच गवाह पेश किया। कोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों के अनुसार, इस मामले में कई अंतर्निहित विरोधाभास हैं। सबूताें और गवाहों के अभाव में कोर्ट ने तीनों को बरी कर दिया है।
कार चालक बरी
गुरुग्राम। जेएमआईसी मानसी गौड़ की कोर्ट ने सड़क हादसे के आरोपी को सबूतों और गवाहों के अभाव में बरी कर दिया है। पेशवा रोड नई दिल्ली निवासी राजेश कुमार ने सेक्टर 17-18 थाने में दी शिकायत में बताया कि 7 मई 2017 को रेवाड़ी से दिल्ली कार से घर जा रहा था। दोपहर करीब 2-3 बजे दिन में दिल्ली की तरफ आ रहा था तो इफको चौक फ्लाईओवर से नीचे कार का टायर पंचर हो गया। इसी दौरान पीछे से स्विफ्ट कार चालक ने पीड़ित की कार में टक्कर मार दी। इससे गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित ने 30 मई 2017 को पुलिस में केस दर्ज किया। पुलिस ने इस केस में लक्ष्मी नगर निवासी कपिल शर्मा को गिरफ्तार किया था और बाद में अदालत से जमानत मिल गई थी। ब्यूरो