फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: आकांक्षा इंटरप्राइजेज पर साढ़े चार करोड़ का जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
सफाई एजेंसी ने कर्मचारी लगाए एक तिहाई, भुगतान कराया पूरा
विज्ञापन


हर महीने 4.30 करोड़ का भुगतान कर रहा था निगम, अब एक साल के भुगतान की होगी जांच




संवाद न्यूज एजेंसी

गुरुग्राम। नगर निगम मानेसर ने सफाई एजेंसी आकांक्षा इंटरप्राइजेज पर लगभग 4.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एजेंसी ने अनुबंध के हिसाब से कम कर्मचारी सफाई कार्य में लगाए, जिससे निगम क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बदहाल हो गई। निगम की ओर से एजेंसी को हुए भुगतान की जांच भी शुरू कर दी गई है। एजेंसी ने पूरे 1997 मैनपावर के अनुसार 90 करोड़ रुपये का भुगतान निगम से लिया है।



नगर निगम मानेसर ने फरवरी 2023 में आकांक्षा इंटरप्राइजेज से रोड स्वीपिंग, पुश अप रोटेटिंग और ड्रेनेज सफाई कार्य के लिए दो साल का अनुबंध किया था। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 105 करोड़ रुपये थी। एजेंसी को हर महीने औसतन 4.30 करोड़ का लगभग भुगतान किया जा रहा था। साथ ही निगम ने वर्ष 2023 से दिसंबर 2024 तक के बिलों के भुगतान की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


मानेसर निगमायुक्त रेनू सोगान के मुताबिक, आकांक्षा इंटरप्राइजेज ने अनुबंध के हिसाब से अनुमानित 1997 सफाई कर्मचारियों के बजाय कम कर्मचारी लगाए थे, जिसके कारण निगम की सफाई शाखा और बिल संबंधी अधिकारियों ने लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाकर सीनियर अधिकारियों को प्रस्तावित की है। जुलाई 2024 से फरवरी 2025 तक निगम से 1/4 मैनपावर पर ही आकांक्षा एंटरप्राइजेज ने हर महीने 100 प्रतिशत मैनपावर का भुगतान निगम से करा लिया। निगमायुक्त ने इस मामले में जिन कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है, उन्हें नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही मुख्यालय को कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखा है।
विज्ञापन





निगम अधिकारियों पर दबाव बना रही एजेंसी



निगम अधिकारी के मुताबिक, आकांक्षा इंटरप्राइजेज इससे पहले भी अपनी कार्यशैली को लेकर ब्लैक लिस्टेड हो चुकी है। अब भारी भरकम जुर्माने की कार्रवाई के बाद एजेंसी की ओर से निगम अधिकारियों पर दबाव भी बनाया जा रहा है। पटौदी की विधायक बिमला चौधरी ने भी सफाई कार्य में लापरवाही पर आकांक्षा इंटरप्राइजेज पर नियमानुसार कार्रवाई और एसडब्ल्यूएम पोर्टल के माध्यम से ही भुगतान के निर्देश दिए थे। फिर निगम की जांच में भी एजेंसी का गड़बड़झाला उजागर हुआ। इसके बाद एजेंसी पर 4.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें