सितंबर 2019 में हुई थी पीड़ित की टिकट कैंसल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। करीब चार साल पहले हवाई जहाज की टिकट कैंसिल होने पर उपभोक्ता को पैसे वापस न करने व दूसरी टिकट लेने पर अदालत ने टिकट के पैसे के साथ ही 16 हजार रुपये का मुआवजा उपभोक्ता को देने का आदेश दिया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता निस्तारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल की अदालत ने दिया है। उपभोक्ता ने 75 हजार रुपये के मुुआवजा की याचिका दायर की थी।
सोहना निवासी अनुज लोहिया ने अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने स्पाइस जेट से चार सितंबर 2019 के लिए 6 हजार 498 रुपये में टिकट बुक की थी,लेकिन तकनीकी कारणों के चलते वह टिकट स्पाइसजेट ने कैंसिल कर दी थी। इसके चलते उन्हें दूसरी कंपनी से करीब आठ हजार रुपये में टिकट लेनी पड़ी थी। इसके साथ ही स्पाइस जेट ने उनके पैसे भी वापस नहीं किए थे। इसके बाद उपभोक्ता ने अदालत में याचिका दायर की थी।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्पाइस जेट को टिकट के 6,498 रुपये के साथ ही मुकदमेबाजी का खर्च 11 हजार रुपये व टिकट कैंसिल करने व उपभोक्ता को नई टिकट खरीदने पर 5 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।