कई इलाकों में धुएं की चादर, प्रशासन की ओर से बरती जा रह खासी लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। शहर के कई इलाकों में धुएं की चादर देखी गई है। शहरवासियों को डर सता रहा है कि दिवाली पर स्थिति क्या होगी। इससे निपटने के इंतजाम में प्रशासन की ओर से खासी लापरवाही बरती जा रही है। लापरवाही का आलम यह है कि शहर में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए विभिन्न स्थानों पर लगाए गए एयर प्यूरीफायर भी बंद पड़ें हैं, जीमएमडीए से मिली जानकारी के अनुसार हरेरा दफ्तर के सामने लगे एयर प्यूरीफायर का तो बिजली कनेक्शन तक नहीं हुआ है। वायु प्रदूषण से लड़ने के लिए लगाए गए एयर प्यूरीफायर सिर्फ शोपीस बन कर रह गए हैं और जो चल रहे हैं उनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही कारण है कि शहर में हवा की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है।
पेड़ों की अंधाधुंध कटाई भी है जिम्मेदार
वन विभाग के अनुसार वर्ष 2017 से 2022 तक जंगल के बाहर लगे 15 हजार 594 पेड़ों को काटा जा चुका है। यह सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। पर्यावरण प्रेमी बीते लंबे समय से प्रदेश में ट्री एक्ट की मांग कर रहे है। यह भी वायु प्रदूषण बढ़ने का एक बड़ा कारण है।
ग्रैप-2 के नियमों का सख्ती से नहीं हाे रहा पालन
वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए शहर में ग्रैप-2 के नियमों को लागू तो कर दिया गया है, लेकिन सफाई कर्मियों की हड़ताल की चलते जमा कूड़े को कई इलाकों में जलाकर खत्म किया जा रहा है। यह दिखाता है कि वायु प्रदूषण से लड़ने में प्रशासन बार बार असफल साबित हो रहा है। प्रशासन ने शहर में प्रदूषण बढ़ाने वाले कई इलाके चिन्हित किए हैं, जैसे सेक्टर-64, सोहना चौक, सुभाष चौक, सदर बाजार आदि। चिन्हित करने के बावजूद प्रशासन इन इलाकों में प्रदूषण की रोक के लिए कुछ करता नजर नहीं आ रहा है।
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क्या कहते हैं पर्यावरणविद
पर्यावरण के जानकार आनंद आर्या कहते हैं कि लोगों को वायु प्रदूषण के कुप्रभावों के बारे जागरूक करना होगा। इसके अलावा लोगाें को सार्वजनिक वाहनों को उपयोग करने की आदत डालनी होगी। इसके साथ ही प्रदेश में एक ट्री एक्ट होना चाहिए ताकि बगैर अनुमति पेड़ों काटने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
वर्जन
वायु प्रदूषण से निपटने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे कचरा ना जलाएं। ग्रैप 2 के नियमों को भी जनता तक संप्रेषित किया जा रहा है, ताकि वे इसका सख्ती से पालन करें।
- निशांत यादव, उपायुक्त गुरुग्राम