गुरुग्राम। केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक
लोगों को कोरोना को टीका लगाया जाए। दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 3 माह से अधिक समय से किसान बड़ी संख्या में कृषि बिलों को रद्द कराने की मांग को लेकर डटे हुए हैं। हालांकि, कुछ किसानों की धरने के दौरान मौत भी हो चुकी है, जिनके विभिन्न कारण बताए जाते हैं। लेकिन कोरोना के प्रकोप से किसी भी किसान की मौत नहीं हुई है। ऐसा किसान संगठनों का कहना है।
भ्रष्टाचार उन्मूलन में जुटी सामाजिक संस्था क्राइम रिफार्मर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संदीप कटारिया का कहना है कि आंदोलनरत किसानों ने कोरोना का टीका लगवाने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि खेतों में काम करने वाले किसानों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता काफी मजबूत है। इसलिए उन्हें इस टीके की कोई जरूरत नहीं है।