गुरुग्राम। कोरोना संक्रमण में स्वास्थ्य विभाग की लगातार लापरवाही सामने आ रही है। जांच के लिए लैब नागरिक अस्पताल में मौजूद होने के बावजूद लोगों को जांच की रिपोर्ट देरी से दी जा रही है। ऐसा एक मामला रोडवेज डिपो में सामने आया है। तीन जून को रोडवेज कर्मचारियों ने कोरोना जांच नागरिक अस्पताल में करवाई थी, लेकिन उनकी रिपोर्ट विभाग ने 29 जून को सौंपी है।
दस में से तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जांच करवाने के बाद से सभी रोडवेज कर्मचारी ड्यूटी पर आ रहे हैं। कर्मचारियों की पॉजिटिव रिपोर्ट आने से रोडवेज में हड़कंप मच गया है। दरअसल, प्रवासियों को छोड़ने के लिए काफी संख्या में रोडवेज कर्मचारी गए थे, लेकिन विभाग की तरफ से किसी भी कर्मचारी की जांच नहीं करवाई गई और ना ही उन्हें आइसोलेट के लिए अवकाश दिया गया। जब कर्मचारियों ने खुद ही अपनी जांच करवाई तो स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट देने में समय लगा दिया।
तीन जून को कर्मचारियों ने अपनी जांच सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में जांच करवाई थी, लेकिन उनकी रिपोर्ट विभाग ने 29 जून को सौंपी है। दस में से तीन कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 26 दिनों में कर्मचारियों ने पूरे डिपो के कर्मचारियों और अधिकारियों के भी संपर्क में आ चुके हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही के कारण कर्मचारी ने अपने परिवार के साथ साथी कर्मचारियों की संपर्क में आए हैं। इसका जिम्मेवार कौन होगा।
कोट
जिन कर्मचारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है वो भी इतने समय के बाद इसको लेकर सीएमओ से बात की गई है। इनके संपर्क में आए कर्मचारियों की जांच करवाई जाएगी।
- अन्नू श्योकंद, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, गुरुग्राम।