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Gurugram News: 11 साल बाद जिले में बनेगा ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल, सीएम ने जारी किए आदेश

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यूनानी मेडिकल कॉलेज के बंद काम को शुरू कराने के लिए भी दोबारा होगा टेंडर, लोगों को नहीं जाना पड़ेगा दूर
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शेरसिंह डागर
नूंह। पिछले 11 साल से छपेड़ा गांव में प्रस्तावित जिलास्तरीय ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल की कागजों से बाहर निकलने की उम्मीद जगी है तो आकेड़ा गांव में बनाए जा रहे यूनानी मेडिकल कॉलेज के काम को शुरू कराने के लिए दोबारा टेंडर छोड़ा जाएगा। इसके लिए मेवात दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। ये दोनों योजनाएं जिले के लिए महत्वपूर्ण हैं और लंबे समय से लंबित हैं। इनके पूरा होने से जहां एक ओर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान मिलेगी। वहीं, दूसरी ओर ड्राइविंग का काम करने वाले लोगों को जिले में ही बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
2020 में सीएम खट्टर ने की थी स्कूल की बनाने की बात
कांंग्रेस सरकार ने छपेड़ा गांव में ड्राइविंग स्कूल की घोषणा की थी। वर्तमान सरकार ने इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने की बात करते-करते अपने 11 साल का कार्यालय पूरा कर दिया, लेकिन आज तक काम पूरा नहीं किया। कई वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नवंबर 2020 में मेवात विकास बोर्ड की बैठक में इस स्कूल को बनाने की बात कही थी, क्योंकि नूंह जिले के अधिकांश लोगों को पेशा ड्राइविंग हैं। यहां आज भी करीब 50 प्रतिशत युवा ड्राइविंग करते हैं। इस योजना को सिरे चढ़ाने की जिम्मेदारी मेवात विकास अभिकरण को सौंपी गई थी। कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए कई वर्ष पहले अल्पसंख्यक मंत्रालय से करीब सात करोड़ रुपये मंजूर कर मंगा लिए, लेकिन ट्रांसपोर्ट विभाग के पास इस स्कूल के निर्माण कराने की फाइल घुमती रही मगर नतीजा शून्य रहा। अब इसे मुख्यमंत्री ने अक्तूबर तक शुरू कराने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। इस स्कूल के निर्माण व अन्य संसाधनों पर 13 करोड़ 96 लाख रुपये खर्च होने हैं। यह ड्राइविंग स्कूल क्षेत्र में गाड़ी चलाने के कौशल को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
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कॉलेज का काम 50 प्रतिशत अधूरा
आकेड़ा गांव में जो यूनानी मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है वो पिछले कई सालों से बंद है। कॉलेज के निर्माण का मामला उच्च न्यायालय तक पहुंच गया, क्योंकि इससे लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर मिलती नहीं दिख रहीं। पहले उम्मीद थी कि वर्ष 2023 तक कॉलेज का काम पूरा हो जाएगा। करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉलेज का करीब 50 प्रतिशत काम अधूरा है। हालांकि, सड़क व लोक निर्माण विभाग ने मेडिकल कॉलेज से नेशनल हाईवे-248ए तक करीब ढाई करोड़ की लागत से सड़क जरूर बनवा दी है। यह कॉलेज आकेड़ा गांव की छह एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है। इसमें यूनानी पद्धति द्वारा इलाज की सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी और मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर नहीं जाना पड़ेगा। कॉलेज का निर्माण जो कंपनी करा रही है उसने हरियाणा में करीब 50 निर्माण कार्य लिए हुए हैं। इनमें किसी प्रकार की गड़बड़ होने के कारण कंपनी खुद हाईकोर्ट में गई हुई है। हाई कोर्ट से अभी किसी प्रकार का कोई फैसला नहीं हुआ है। इस कारण यह यूनानी कॉलेज का निर्माण लेट हो रहा है। अब मुख्यमंत्री ने इस काम को पूरा कराने के लिए नए टेंडर छोड़े जाने के लिए उच्च अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार की मंशा मेवात को लेकर बेहतर नहीं है। ये दोनों योजना 11 साल पहले कांग्रेस की देन हैं। लेकिन भाजपा ने ड्राइविंग स्कूल पर काम शुरू नहीं कराया। हर बार कोई न कोई कागजी बहाना। जबकि पैसा आया हुआ है। यहीं बहानेबाजी यूनानी मेडिकल कॉलेज की रही है। लेकिन हम भी काम शुरू होने तक पीछा नहीं छोड़ेंगे। - आफताब अहमद, विधायक कांग्रेस।
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ड्राइविंग स्कूल व यूनानी मेडिकल कॉलेज का टेंडर के लिए मुख्यमंत्री ने आदेश जारी कर दिए हैं। जल्द ही इन दोनों योजनाओं को पूरा कराया जाएगा। अक्तूबर तक ड्राइविंग स्कूल पर काम शुरू होगा तो यूनानी कॉलेज का टेंडर भी जल्द लगवाया जाएगा। दोनों योजनाएं महत्वपूर्ण हैं। - विश्राम मीणा, डीसी नूंह।
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