गुरुग्राम। जिला प्रशासन ऑक्सीजन सिलिंडरों पर बार कोड की व्यवस्था करके ऑक्सीजन की कालाबाजारी रोकेगा। इस बारे में मंडलायुक्त राजीव रंजन ने शनिवार को विपलक इंडिया के रविंद्र यादव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्सपर्ट प्रदीप कुमार अग्रवाल के साथ वर्चुअल बैठक कर निर्णय लिया है।
मंडलायुक्त ने कहा कि विपलक इंडिया प्रोफेशनल कंपनी है जो कई ई-कॉमर्स कंपनियों की सप्लाई चेन का प्रबंधन कर रही है। उनका कहना है कि ऑक्सीजन से भरे हुए सिलिंडर लोगों को दिए जा रहे हैं लेकिन उनका कोई रिकॉर्ड या ब्योरा उपलब्ध नहीं है। अब ऑक्सीजन सिलिंडर पर बार कोड लगाया जा सकता है और जिस किसी को वह सिलिंडर दिया जाए, उसका मोबाइल नंबर तथा आधार नंबर लिया जाना जाएगा, ताकि सिलिंडर यदि 48 घंटे में दोबारा नहीं भरवाया जाता है तो कॉल सेंटर के माध्यम से उस व्यक्ति से संपर्क किया जा सके। कॉल सेंटर द्वारा उस व्यक्ति से पूछा जाएगा कि कोविड-19 के मरीज की तबियत कैसी है, यदि उसे और ऑक्सीजन की आवश्यकता है तो सिलिंडर दोबारा भरवाएं अन्यथा वह सिलिंडर उससे प्राप्त करके दूसरे जरूरतमंद मरीज को भरकर दिया जाएगा। यदि सिलिंडर किसी का व्यक्तिगत भी है तो भी उसे कुछ दिन के लिए लिया जा सकता है।
प्रशासन कंपनियों के सीएसआर से अस्थायी अस्पताल तैयार करवाकर कोविड-19 मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कर रहा है। ऐसे में प्रशासन को ज्यादा संख्या में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत पड़ेगी। ऐसे चिकित्सक जो मेडिसिन में स्पेशलिस्ट हैं या चेस्ट स्पेशलिस्ट हैं या पल्मनोलॉजी, एनेस्थीसिया में विशेषज्ञता रखते हैं या कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर जो कोविड-19 मरीजों के लिए अपनी सेवाएं देना चाहते हैं, वे गुरुग्राम जिला प्रशासन से संपर्क करें। प्रशासन के पास स्वयं को रजिस्ट्रार करवाएं।