मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने 15 जून तक काम पूरा करने के दिए निर्देश, बादशाहपुर ड्रेन पर घटेगा दबाव
नंबर गेम - 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने शहर की प्रमुख ड्रेनेज परियोजनाओं और जलभराव संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण परियोजना 4.5 किलोमीटर लंबी लेग-4 ड्रेन रही, जिसका निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। वाटिका चौक से राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के समानांतर विकसित की जा रही इस ड्रेन का करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 120 मीटर निर्माण कार्य 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन का दावा है कि लगभग नौ मीटर चौड़ी, 3 मीटर गहरी और 1400 क्यूसेक क्षमता वाली यह ड्रेन शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके चालू होने के बाद बादशाहपुर ड्रेन (लेग-3) पर पड़ने वाला दबाव काफी कम हो जाएगा। भारी वर्षा के दौरान अतिरिक्त पानी को गेट सिस्टम के जरिए लेग-4 की ओर मोड़ा जा सकेगा, जिससे जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में पानी की निकासी तेज और प्रभावी होगी।
मेदांता रोड और सेक्टर-32 को मिलेगी राहत
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पास निर्माणाधीन ड्रेन का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, यह योजना भी 15 जून तक पूरी हो जाएगी। इसके पूरा होने के बाद मेदांता रोड, आसपास के अंडरपास और सेक्टर-32 क्षेत्र में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
नरसिंहपुर और एनएच-48 के लिए नई ड्रेनेज व्यवस्था
नरसिंहपुर क्षेत्र में भी जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए काम चल रहा है। नई ड्रेन के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के आसपास जमा होने वाले वर्षा जल को खांडसा गांव के बाहरी क्षेत्र से सीधे लेग-3 तक पहुंचाया जाएगा। इससे पानी को हीरो होंडा चौक की दिशा में ले जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और जल निकासी प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। इसके अलावा सनबीम फैक्ट्री के निकट ट्रेंचलेस तकनीक से बैरल निर्माण का कार्य जारी है। यह परियोजना नई ड्रेनों के साथ मिलकर क्षेत्र की जल निकासी क्षमता को और मजबूत करेगी।
एनएच-48 के नीचे बन रहे तीन बैरल
जीएमडीए द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के नीचे ट्रेंचलेस तकनीक से तीन बड़े बैरल भी बनाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से एक्सप्रेसवे और सर्विस रोड के दोनों ओर जल निकासी को बेहतर बनाया जाएगा। इससे नरसिंहपुर और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होगी। सेक्टर-37डी में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने लेग-3 एवं लेग-4 मास्टर ड्रेनों को मानेसर ड्रेन से जोड़ने के लिए चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। मानसून से पहले इसे पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सेंट्रल पेरिफेरल रोड के साथ स्थित 6.5 किलोमीटर लंबे आरसीसी बॉक्स ड्रेन के डी-सिल्टिंग कार्यों की भी समीक्षा की। यह ड्रेन लेग-4 से जुड़कर बरसाती पानी को नजफगढ़ ड्रेन तक पहुंचाने में मदद करेगा। एसपीआर और द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को कम करेगा।