गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक, पानी चोरी पर लगेगा अंकुश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में पानी की चोरी रोकने और अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई की तैयारियां शुरू हो गई है। इसके साथ ही शहर में एक समान पेयजल आपूर्ति की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके लिए फ्लो मीटर लगाए जाएंगे। पानी चाेरी और अवैध कनेक्शनों के लगातार बढ़ते मामलों के बाद जीएमडीए ने अब इस पर अंकुश लगाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसे लेकर मंगलवार को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) कार्यालय में अंतर-विभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ए श्रीनिवास ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में सामने आया कि एमसीजी बूस्टिंग स्टेशनों तक जाने वाली पानी की पाइप लाइन में अवैध कनेक्शनों के कारण लोगों तक पानी की पूरी आपूर्ति नहीं हो पा रही। इससे पालम विहार, सेक्टर 12, 21, 22 और 23 जैसे क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही पानी की चोरी और बर्बादी को कम करने के लिए अवैध कनेक्शनों को काटने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने एमसीजी को स्वीकृत किए जा रहे नए कनेक्शनों की पाइप लाइन पर फ्लो मीटर लगाने की बात कही। इससे पानी की आपूर्ति को भी ट्रैक किया जाएगा।
बैठक में सेक्टर-29 में पानी की बर्बादी का मुद्दा मुख्य रहा। पता चला कि इस सेक्टर में एचएसवीपी बूस्टिंग स्टेशन न होने के कारण पानी की सप्लाई सीधे जीएमडीए की ओर से की जा रही है। इस क्षेत्र में अत्यधिक पानी की खपत के कारण अंतिम क्षेत्र तक पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। मौके पर मौजूद एचएसवीपी के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। एचएसवीपी सेक्टर-29 के क्षेत्र में जलापूर्ति करने के लिए एक बूस्टर स्टेशन का निर्माण करने की तैयारी में है।
इस दौरान शहर में शुरू की जा रही कई परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए अधिकारियों ने अंतर-विभागीय समन्वय की कमी महसूस की। साथ ही सामने आ रही समस्या को संयुक्त रूप से हल करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। पानी की बर्बादी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात की।
बैठक में नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के आयुक्त नरहरि सिंह बांगर, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के प्रशासक बलप्रीत सिंह और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, जीएमडीए, नगर निगम मानेसर (एमसीएम), दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ट्रीटेड वेस्ट वाटर का उपयोग बढ़ाने की तैयारी
शहर में ट्रीटेड वेस्ट वाटर के उपयोग को और बढ़ाने के लिए जीएमडीए सेक्टर-55 में 750 केएल क्षमता वाले यूजीटी के निर्माण की योजना बना रहा है। यह बायोडायवर्सिटी पार्क में ट्रीटेड वेस्ट वाटर की आपूर्ति करेगा। इस कार्य के लिए चिन्हित भूमि एचएसवीपी की ओर से जीएमडीए को सौंपी जाएगी। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने एचएसवीपी अधिकारियों को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एमसीजी अधिकार क्षेत्र के तहत शहर के पार्कों में ट्रीटेड वेस्ट वाटर के उपयोग का मामला भी उठाया गया। जीएमडीए अधिकारियों ने प्रस्तुत किया कि जीएमडीए की ओर से मास्टर सेक्टर की सड़कों पर ट्रीटेड वेस्ट वाटर पाइपलाइन बिछाई जा रही है। एमसीजी अपने पार्कों में बागवानी उद्देश्यों के लिए उपचारित पानी की आपूर्ति लेने के लिए अपनी पाइप लाइनों को इनसे जोड़ेगा। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि ताजे और भूजल के उपयोग पर अंकुश लगाने और ट्रीटेड वेस्ट वाटर के उपयोग को लागू करने के लिए हर उपाय किया जाना चाहिए।
सीवर की समस्या होगी दुरुस्त
अधिकारियों ने जीएमडीए के ड्रेनेज नेटवर्क में सेक्टर-28 के अवैध सीवर निपटान पर अंकुश लगाने की जरूरत महसूस की। एमसीजी अधिकारियों को क्षेत्र में आवश्यक सीवेज नेटवर्क स्थापित करने के लिए निर्देश दिए। मानसून के दौरान क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले सीवर की समस्या को दुरुस्त करने संबंधी उचित कदम उठाने के निर्देश दिए।