कार्रवाई शुरू होते ही होटल और ढाबा संचालक खुद ही सामान समेटते आए नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर अवैध कब्जों के खिलाफ बृहस्पतिवार को प्रशासन ने अभियान चलाया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। एसडीएम लक्ष्मी नारायण के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू होते ही कई होटल और ढाबा संचालकों के हाथ–पैर फूल गए और वे मौके से सामान समेटते हुए खुद ही ढांचे तोड़ने लगे।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि एक्सप्रेसवे के किनारे अवैध रूप से चल रहे किसी भी कारोबार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान में डीएसपी अजायब सिंह, बिजली विभाग के एसडीओ घनश्याम दास, ट्रैफिक एसएचओ सुखबीर सिंह, एएसआई हीरालाल (थाना सदर फिरोजपुर झिरका), एनएचएआई अधिकारियों सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पीले पंजे की मदद से अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाए गए। कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ ढाबा संचालक वहां से फरार हो गए, जबकि कई मौके पर ही ढांचे गिराने में जुट गए। एसडीएम ने कहा कि एक्सप्रेसवे के किनारे किसी भी प्रकार का अवैध होटल, ढाबा, पार्किंग या दुकान दोबारा नजर आई तो सीधे जेल और भारी जुर्माने की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह सख्ती यात्रियों की सुरक्षा, सुचारू यातायात और दुर्घटना रोकथाम के लिए लागू की गई है।
एक्सप्रेसवे पर यातायात नियम तोड़ने वालों पर ट्रैफिक पुलिस ने 75 चालान जारी किए। बिजली विभाग ने अवैध बिजली कनेक्शन पकड़े और 4 चालान किए। वहीं 14 ढाबा संचालकों के खिलाफ अवैध संचालन के चलते चालान काटे गए। अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि एक्सप्रेसवे के पास फल–फूल रही अवैध पार्किंग पर भी अगले कुछ दिनों में बड़ा एक्शन होगा। अभियान के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती की चर्चा रही। एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। कानून तोड़ने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।
फोटो: दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर अवैध होटल–ढाबों को हटाती एसडीएम झिरका की टीम।