-दो दिन के रिमांड पर लेकर आरोपी से की गई पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फर्जी वेंडर व फर्जी बिलों के माध्यम से करोड़ों की ठगी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी गौरव धींगड़ा का रविवार को दो दिन का रिमांड पूरा हो गया। आरोपी को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया है। पुलिस मामले में आगामी कार्रवाई कर रही है।
आरोपी की पहचान फरीदाबाद के एनआईटी निवासी गौरव धींगडा (37) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को 19 फरवरी को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। आरोपी गौरव धींगडा से पूछताछ में पता चला कि वह फरीदाबाद की किसी निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्य करता है। आरोपी ने बताया कि उसने एक अन्य साथी लवीश (कंपनी कर्मचारी) के साथ मिलकर एक फर्जी धींगडा इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म खुलवाई व लवीश के माध्यम से मामले में शिकायतकर्ता की कंपनी को वेंडर बताकर कंपनी के खाते से 1.85 करोड़ रुपये धींगडा इंटरप्राइज के तीन बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए थे। आरोपी ने बताया कि फर्जी फर्म व बैंक खाते उसके साथी लवीश ने खुलवाए थे और उसमें रुपये ट्रांसफर करवाए थे। इसके बदले आरोपी को करीब पांच लाख रुपये मिले थे।
आर्थिक अपराध शाखा-2 की टीम की जांच में सामने आया कि वर्ष 2015 से 2023 तक खांडसा स्थित उसकी कंपनी के कुछ कर्मचारियों ने अपने पद की शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी से कंपनी के फर्जी वैंडर बनाकर, कंपनी में फर्जी बिल लगाकर अपने व अपने परिचितों के बैंक खातो में करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवा लिए थे।
जांच अधिकारी बबलू ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से उसके अन्य साथियों की पहचान, अन्य वारदातों का खुलासा, ठगी की गई राशि व संबंधित दस्तावेजों की बरामदगी के लिए पूछताछ की गई है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।