क्या था मामला
27 सितंबर 2024 को एक महिला ने साइबर अपराध थाना पूर्व में दी शिकायत में बताया था कि व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करके अच्छा मुनाफा करने का लालच देकर साइबर छठी की थी। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करके कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए साइबर पुलिस की टीमें छानबीन कर रही हैं।
वर्ष 2024 में गया था दुबई
आरोपी अलीश निजामुद्दीन ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2024 में दुबई गया था और वहां पर चीन मूल के लोगों व साइबर ठगों द्वारा ग्राण्ड मॉल में संचालित कॉल सेंटर में नौकरी करने लगा था। चीन के साइबर ठगों को खाते में आने वाली राशि में से 10 फीसदी कमीशन पर बैंक खाते भी उपलब्ध कराता था। अलीश निजामुद्दीन ने बताया कि उसके साथी साइबर ठग व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से व फर्जी एप पर स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश करके अच्छा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगी करते थे। उसने साइबर ठगों को लगभग 30 बैंक खाते उपलब्ध कराए हैं। आरोपी अलीश निजामुद्दीन 15 सितंबर को भारत आया था। गुरुग्राम पुलिस की साइबर टीम ने तकनीकी और अपने सूत्रों की सहायता से आरोपी को गिरफ्तार किया।
रिमांड के दौरान आरोपी अलीश निजामुद्दीन से साइबर ठगी करने के लिए दुबई में संचालित कॉल सेंटर और इन कॉल सेंटरों में काम करने वाले भारतीय मूल सहित अन्य देशों के साइबर ठगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। - प्रियांशु दीवान, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध), गुरुग्राम।