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Gurugram News: आरोपी अमित कत्याल को दुबई जाने की कोर्ट से नहीं मिली अनुमति

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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है आरोपी, इलाज करवाने के लिए दुबई जाने की मांगी थी अनुमति
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निवेशकों से करोड़ों रुपये लेकर फ्लैट न देने और अलग-अलग कंपनियों में निवेश के करोड़ों रुपये घुमाने का है आरोप

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी अमित कत्याल को गुरुग्राम की विशेष पीएमएलए कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने इलाज के लिए दुबई जाने की अनुमति मांगने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी यह साबित नहीं कर पाए कि जिस इलाज के लिए वे विदेश जाना चाहते हैं, वह भारत विशेषकर एनसीआर में उपलब्ध नहीं है।

विशेष न्यायाधीश नरेंद्र सूरा की अदालत में अमित कत्याल ने 14 से 30 मई तक दुबई जाने की अनुमति मांगी थी। आवेदन में कहा गया था कि वे कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और दुबई के एमिरेट्स अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद खालिद सबेह से जांच करवाना चाहते हैं। वहीं, ईडी की ओर से अदालत में कहा गया कि अमित कट्याल गंभीर आर्थिक अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं। उनके खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, फंड डायवर्जन और होमबायर्स के साथ कथित ठगी के आरोप हैं। ईडी ने दलील दी कि विदेश यात्रा की अनुमति तभी दी जा सकती है जब मेडिकल इमरजेंसी और इलाज की अनिवार्यता साबित हो, जबकि भारत में बेहतर कार्डियक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई मेडिकल दस्तावेज पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो कि आरोपी को गंभीर हृदय संबंधी बीमारी है। अदालत ने यह भी कहा कि एनसीआर में हृदय रोगों के लिए विश्वस्तरीय अस्पताल उपलब्ध हैं और केवल विदेशी अस्पताल में इलाज करवाने की इच्छा के आधार पर अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी माना कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आर्थिक अपराधों के आरोप हैं और ऐसे मामलों में अदालत को आरोपी के फरार होने की संभावना और ट्रायल में उपस्थिति सुनिश्चित करना भी जरूरी होता है। इसी आधार पर कोर्ट ने आवेदन खारिज करते हुए विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
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अमित कत्याल व अन्य पर आरोप हैं कि सेक्टर-70 स्थित फ्लोरेंस एस्टेट प्रोजेक्ट में होमबायर्स से करोड़ों रुपये लेने के बावजूद फ्लैट नहीं दिए। जांच में फंड डायवर्जन, एक ही यूनिट कई लोगों को बेचने और बैंक नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आने का दावा। करीब 137 करोड़ रुपये की राशि समूह कंपनियों में डायवर्ट किए जाने का भी आरोप लगा है।
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