-गांव सिलोखरा में मिली थी युवक की लाश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। छह साल पहले चोरी के मामले में जिला अदालत ने आरोपी जगन नाथ को बरी कर दिया है। अभियोजन पक्ष आरोपी पर आरोप साबित नहीं कर सका। यह आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश शर्मा की अदालत ने दिया है। तीन नवंबर 2017 को गांव सिलोखरा में एक आश्रम के पास से युवक की लाश मिली थी। 11 नवंबर को मृतक प्रदीप के पिता ने सेक्टर-40 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
उत्तर प्रदेश के एटा निवासी रघुवीर ने बताया था कि एक नवंबर वह गुरुग्राम आया था। सात नवंबर को सूचना मिली कि बेटे की हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि कैलाश की पत्नी पिंकी ने बताया कि दो नवंबर को उनके पास फोन आया था कि उसके पति कैलाश और प्रदीप को चोरी करते हुए पकड़ लिया है। पांच हजार रुपये दे दो तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा। सात मार्च 2018 को डीएलएफ फेज-एक पुलिस ने जगन नाथ को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी ने हत्या का खुलासा किया तो सेक्टर-40 थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए डंडे को बरामद किया था। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपी पर हत्या का आरोप साबित नहीं कर सका। इसके चलते अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।