पैसे मांगने पर दी झूठे मामले में फंसाने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-40 थाना क्षेत्र में अकाउंटेंट ने कारोबारी को 1 करोड़ 83 लाख 50 हजार रुपये की चपत लगा दी है। आरोपी ने कारोबारी से एक ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर करा रखा था। इसके माध्यम से इस ठगी को अंजाम दिया है। जब उससे पैसे मांगे गए तो उसने कारोबारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पुलिस आयुक्त को दी शिकायत के बाद मामले की जांच कर आर्थिक अपराध शाखा ने जांच के कमिश्रर को दी शिकायत के बाद पुलिस ने अकाउंटेंट सहित दो पर केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस को दी शिकायत में साउथ सिटी-1 में रहने वाले कमलबीर सिंह ने कहा कि मनीष कुमार जैन उनके पास पिछले दस-12 साल से अकाउंटेंट थे। जो उनके कारोबार के अकाउंट के साथ परिवार के व्यक्तिगत अकाउंट का रखरखाव रखते थे। उसका काम संतोषजनक था। जिसके चलते उसने कमलबीर सिंह व उनके परिवार का विश्वास हासिल कर लिया था। मनीष कुमार ही बैंक संबंधित सभी कार्य करते यहां तक कि चेक बुक भी उसके पास ही होती थी। वह कारोबार से संबंधित व पर्सनल खातों का संचालन करते हुए चेक बनाते और और वितरित करते।
आरोप है कि विश्वास कायम होने के चलते मनीष कुमार ने कमलबीर सिंह व उसके बेटे से एक्सिस बैंक के ओवरड्राफ्ट खाता से करीब 19 चेक धोखे से साइन करा लिए। जिसके जरिए उन्होंने 1 करोड़ 83 लाख 50 हजार रुपये की राशि अपने व अपनी पत्नी रितु जैन के व्यक्तिगत खाते जमा करा दी। आरोप है कि मनीष ने एचडीएफसी बैंक का एक ब्लैंक चेक भी उनसे साइन करा लिया। मनीष का जब भांडा फूटा तो उसने 1 करोड़ 83 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकार कर ली। जब उससे ये रुपये मांगे गए तो उसने ब्लैंक चेक का हवाला देते हुए कारोबारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। मनीष ने साइन किया हुआ ब्लैंक चेक तिलक आर आनंद को दिया। जो एक दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यहीं नहीं तिलक आर आनंद ने 23 लाख रुपये की राशि के साथ उक्त चेक को क्लीयरेंस के लिए भी प्रस्तुत करते हुए धन का दुरुपयोग करने का प्रयास किया गया। कमलबीर सिंह ने जब जांच की तो सामने आया है कि मनीष कुमार जैन और तिलक आर. आनंद के बीच कई नकद और अन्य बैंक लेनदेन हुए हैं। कमलबीर की शिकायत पर पुलिस ने मनीष व तिलक आर आनंद पर केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।