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Gurugram News: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस पर बढ़ी हादसों की रफ्तार

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हाईटेक निगरानी की हकीकत..अवैध कटों और ओवर स्पीड वाहनों पर नहीं लग पा रही लगाम
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शेरसिंह डागर,
नूंह। लोगों को सुगम व सुरक्षित सफर की सुविधा देने के लिए हजारों करोड़ की लागत से बने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे खामियों की वजह से हादसों की रफ्तार बढ़ रही है। कई नामचीन हस्तियों के साथ-साथ आम आदमी हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। आरोप है कि हादसे के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शनिवार सुबह सात सफाई कर्मचारियों की मौत ने एक बार फिर हाइवे की सुरक्षा व सुविधाओं पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
हरियाणा के गुरुग्राम, पलवल व नूंह से होकर गुजरने वाले देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे के पहले चरण में 246 किलोमीटर लंबा सेक्शन चालू हुआ है। दिल्ली से मुंबई तक लगभग 1380 किलोमीटर लंबे 8 लेन के इस एक्सप्रेस वे का हरियाणा में 129 किलोमीटर हिस्सा है। इस एक्सप्रेसवे पर आए दिन हो रहे हादसों की मुख्य वजह अवैध कट हैं। इन पर सख्ती से रोका नहीं लग पा रही है। वहीं, ओवरस्पीड के चालान के लिए लगाया गया सिस्टम भी कामयाब नहीं दिख रहा। इस कारण अधिकांश वाहन तय सीमा से तेज रफ्तार में दौड़ते हैं। हाइवे के बीच में डिवाइडर नहीं हैं। इसके अलावा कई ऐसे मानक हैं जिन पर काम करने की जरूरत है।
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दावा किया गया था
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे को यात्रियों की सुविधा व सुचारू यातायात प्रबंधन के लिए आटोमेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा गया है। इसके तहत हर एक किलोमीटर पर 500 मीटर रेंज वाले सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं। इन दावों के बीच बेकाबू रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है। इनका कोई चालान नहीं किया जा रहा। छोटी गाड़ियों की स्पीड यहां 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय है, लेकिन यहां चलने वाले इन्हें ताक पर रख रहे हैं। ऐसा ही हाल बड़ी गाड़ियों का है। यहां ओवरलोड डंपर भी बिना रोक-टोक के फर्राटा भर रहे हैं। जो दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं । कई बार हाईवे पर एक डंपर के पलटने से बड़ा हादसा हुए हैं।
सेल्फी व कट भी कारण
हाइवे पर जहां तहां वाहन रोककर मोबाइल से सेल्फी लेते लोग नजर आ जाते हैं। इसके अलावा यहां कट काफी दूर-दूर होने के कारण कुछ लोग रॉन्ग साइड भी चलते हैं। इस कारण दुर्घटना बढ़ रही हैं। यहां ऐसे लोगों पर रोक लगाने के लिए न तो नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से कोई तैनाती की गई है और न ही पुलिस ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रही है । यहां कई जगह अवैध उतार-चढ़ाव भी लोगों ने गांव के आसपास बनाए हुए हैं। जिस पर वह इधर से उधर क्रॉस होते रहते हैं।
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नहीं है डिवाइडर :
हाइवे पर अंदर की साइड डिवाइडर नहीं हैं। यह भी एक कारण बन रहा है। जहां डिवाइडर होना चाहिए वहां पेड़ व घास लगाई हुई है। कई बार गाड़ी सीधे अंदर की तरफ उतर जाती है और पेड़ों से टकरा जाती है। पेट्रोलिंग भी यहां न के बराबर है। पुलिस खड़ी है तो किसी से कोई रोकटोक तक नहीं करती।
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यह घटना दर्दनाक है। कई दिन पहले रोड सेफ्टी की बैठक में एनएचआई के अधिकारियों को आदेश जारी किए थे। एक्सप्रेस-वे पर मौत के आंकड़े डरावने हैं। यहां जो कमियां हैं उन्हें प्राथमिकता से दूर कराया जाएगा। ओवर स्पीड़, अवैध कट, ओवरलोडिंग के चालान काटे जाएंगे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराएंगे।
-विश्राम मीणा, डीसी नूंह


सुझाव :
- कैमरों के जरिये ओवर स्पीड वाहनों को मौके पर ही पकड़ा जाए और भारी चालान किया जाए।
-ओवरलोड डंपरों को हाइवे पर चढ़ने ही नहीं दिया जाए।
- गांव के आसपास हाइवे पर चढ़ने के लिए जो रास्ते बने हैं उन्हें रोका जाए।
- रॉन्ग साइड चलने वालों पर सख्त से कार्रवाई हो।
- हाईवे पर कई पीसीआर हाईवे व पुलिस की होनी चाहिए ।
- मैकेनिक व टायर पंचर की व्यवस्था होनी चाहिए।
- स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था भी की जाए।
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