- एंटी करप्शन ब्यूरो गुरुग्राम की टीम ने किया केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। एंटी करप्शन ब्यूरो गुरुग्राम की टीम ने तावडू डीएसपी कार्यालय के रीडर भूपेंद्र के खिलाफ रिश्वत मांगने के मामले में केस दर्ज कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने एक शख्स को एससी-एसटी एक्ट के तहत फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले मुकदमा दर्ज किया और फिर शुक्रवार को जब एसीबी की टीम डीएसपी कार्यालय में दबिश देने पहुंची, तो आरोपी पहले ही फरार हो चुका था और उसका मोबाइल फोन भी बंद पाया गया।
क्या है पूरा मामला :- गांव राठीवास निवासी महेश पुत्र शिवचरण ने एसीबी में शिकायत दी थी कि पिछले साल जुलाई में उनके गांव के ही राजेश नामक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर का पोस्टर फाड़कर और फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर जातिसूचक गालियां दी थीं। इस केस में मुख्य आरोपी मोनू शर्मा को पुलिस ने कथित रूप से पैसे लेकर बचा लिया, जबकि महेश को आरोपी बना दिया गया। फिर उनसे ढाई लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई। फिर उन्होंने अदालत की शरण ली जबकि मामले के मुख्य शिकायतकर्ता से भी उनका समझौता हो गया तो उन्हें अदालत की ओर से अग्रिम जमानत मिल गई।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, फरवरी 2025 में डीएसपी कार्यालय के रीडर भूपेंद्र ने उन्हें फोन कर अपने दफ्तर बुलाया। वहां उन्होंने उन्होंने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। महेश का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम की ऑडियो रिकॉर्डिंग और वीडियो उनके पास मौजूद है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने जांच शुरू की और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर डीएसपी रीडर भूपेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बता दें कि तावडू डीएसपी पहले ही बोर्ड परीक्षाओं में नकल के मामले में निलंबित हो चुके हैं।