ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है पशुपालन : उपायुक्त अखिल पिलानी
पशुओं को बीमारियों से बचाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में पशुधन को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा 11 मई से 11 जून तक पशु सुरक्षा चक्र के तहत विशेष संयुक्त टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और पशुओं को बीमारियों से बचाना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पशुपालकों से अभियान का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।
उपायुक्त ने बताया कि अभियान के दौरान जिलेभर में पशुओं को गलघोटू, मुंह-खुर तथा बांध जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाव हेतु निशुल्क टीके लगाए जाएंगे। पशु रोग विशेषज्ञों ने बताया कि गलघोटू और मुंह-खुर जैसी बीमारियां अत्यंत संक्रामक होती हैं, जो तेजी से फैलकर पशुधन को प्रभावित करती हैं और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं। ऐसे में समय पर टीकाकरण इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जिले के सभी पशुपालकों से अपील की कि वे विभागीय टीमों का सहयोग करें और अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाकर अभियान को सफल बनाएं। इस संबंध में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. विरेंद्र सहरावत ने बताया कि जिले में 27 टीमें गठित कर लगभग 1.80 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।