बेटे का मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में हुई देरी तो अटक गई दीनदयाल योजना की राशि, पहले भी लगा चुकी हैं गुहार
नंबर गेम -12 शिकायतें समाधान शिविर में पहुंचीं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बेटे की मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही का दंश झेल रही मां की कहानी ने एक बार फिर सरकारी दावों की पोल खोल दी है। समाधान शिविरों के जरिये तुरंत राहत पहुंचाने के प्रशासनिक वादे जमीन पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। मामला दीनदयाल योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता का है, जहां डेथ सर्टिफिकेट बनने में हुई देरी अब पीड़ित किरण देवी के लिए मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना का सबब बन चुकी है। सरकारी दफ्तरों से लेकर समाधान शिविरों तक गुहार लगाने के बावजूद किरण देवी के खाते में आज तक सहायता राशि नहीं पहुंच सकी है।
बृहस्पतिवार को आयोजित समाधान शिविर में एक बार फिर उम्मीद लेकर पहुंचीं किरण देवी का यह मामला अकेला नहीं था। शिविर में पहुंचे नागरिकों की शिकायतों में लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति भारी आक्रोश और नाराजगी साफ दिखाई दी। इस शिविर में कुल 12 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें बिजली, पेयजल, परिवार पहचान पत्र और पेंशन जैसे बुनियादी मुद्दे शामिल थे। हालांकि, एसडीएम हितेंद्र कुमार ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और कुछ मामलों का मौके पर ही निपटारा किया, लेकिन पेंडिंग मामलों ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गम छोटा, इंतजार बड़ा हो गया
बेटे की मौत के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में कुछ समय लग गया। इसके चलते दीनदयाल योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिल पाई। मैं पहले भी समाधान शिविर में शिकायत कर चुकी हूं, लेकिन अभी तक खाते में राशि नहीं आई। - किरण देवी, गांव टिकरी
गली में दो साल से अधिक समय से सीवर का गंदा पानी जमा है। निगम को कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या दूर नहीं हुई। पिछले पांच महीने से समाधान शिविर में भी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, यहां भी अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। - अमित कुमार, भवानी एन्क्लेव, बसई रोड
गांव की जमीन पर सरपंच के अवैध कब्जे को लेकर वह पिछले दो साल से शिकायत कर रहे हैं। सीएम विंडो, नगर निगम और समाधान शिविर में शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। एक बार समाधान की उम्मीद से फिर शिविर में आया हूं। - सुबेदार संत राम, कादरपुर
गांव की चार जमीनों पर सरपंच ने जबरन कब्जा किया हुआ है। वह पांच बार समाधान शिविर में शिकायत कर चुके हैं। अपने निजी खर्च पर जमीन की पैमाइश करवाई, जिसमें सरपंच का कब्जा पाया गया। इसके बावजूद जमीन को कब्जामुक्त नहीं कराया गया। - इंदर पाल, जौड़ी खुर्द
सुबेदार संत राम। समाधान शिविर वाली खबर के लिए
सुबेदार संत राम। समाधान शिविर वाली खबर के लिए
सुबेदार संत राम। समाधान शिविर वाली खबर के लिए
सुबेदार संत राम। समाधान शिविर वाली खबर के लिए