नशा तस्करी पर रोक नहीं, सिर्फ पुराने अपराधियों का रिकॉर्ड खंगालकर हो रही कार्रवाई
गुरुग्राम में आए दिन बरामद हो रहे नशीले पदार्थ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी अब मादक पदार्थों की सप्लाई व खपत का अड्डा बन चुकी है। जिले में आए दिन लोग मादक पदार्थों के साथ पकड़े जा रहे हैं। गुरुग्राम पुलिस द्वारा नशा तस्करी पर रोक नहीं लग पा रही है, सिर्फ कुछ अपराधियों पर कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस कुछ अपराधियों द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को तुड़वाकर अपनी पीठ थपथपा रही। इस कार्रवाई से मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर कोई असर नहीं होता। वे गिरफ्तारी के बाद जेल जाते हैं और जमानत पर बाहर आकर फिर से मादक पदार्थों की तस्करी में जुट जाते हैं। पुलिस ने जनवरी 2026 से 24 अप्रैल तक मादक पदार्थों की सप्लाई व तस्करी करने वाले कुल 53 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें अप्रैल माह में 10 आरोपी गिरफ्तार करके जेल भेजे हैं। वहीं, मार्च में 15 आरोपी, फरवरी में 11 आरोपी और जनवरी में 17 आरोपी पकड़े गए थे। आरोपियों से काफी मात्रा में गांजा, एमडीएफ, चरस, हेरोइन सहित अन्य मादक पदार्थ बरामद हुए। यह मादक पदार्थ दिल्ली, नेपाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब व बिहार सहित अन्य प्रदेशों से गुरुग्राम में लेकर आते हैं।
कई अपराधियों पर हो चुकी कार्रवाई
- 23 अप्रैल को सेक्टर-21 में दो महिलाओं अनिता व सुनीता के सरकारी जमीन पर बने अवैध कब्जों को ध्वस्त किया गया। ये दोनों महिलाएं अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री में शामिल थीं।
- 22 अप्रैल को कासन गांव में बलबीर उर्फ छल्ला के सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा को तोड़ा। आरोपी पर अवैध वसूली व एक्साइज एक्ट संबंधित धाराओं में मामले दर्ज हैं।
- 15 अप्रैल को महेंद्र यादव उर्फ माही और गजेपाल उर्फ भजनलाल के सरकारी जमीन पर किए अवैध कब्जों को तोड़ा। आरोपी मादक पदार्थ रखने व बेचने के मामलों में संलिप्त रहे हैं।
- 15 जनवरी को सेक्टर-10 थाना क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके बनाई करीब 100 झुग्गियों को तोड़ा गया था। इन झुग्गियों में अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री की जा रही थी।
वर्जन
मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। मादक पदार्थों के साथ पकड़े गए आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। जो अपराधी सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करते हैं या फिर मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए जाते हैं, उनके अवैध रूप से बनाए घरों को भी तोड़ा जा रहा है।
-संदीप कुमार, पुलिस प्रवक्ता।