जीएमडीए ने सेक्टर-76 से 80 मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण कार्य का आवंटन किया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने न्यू गुरुग्राम के सेक्टर-76 से 80 तक मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण का कार्य एक एजेंसी को आवंटित कर दिया है। यह कार्य आठ नवंबर तक शुरू हो जाएगा और 30 माह में पूरा करने का लक्ष्य है। बरसाती नाला बनने से एनएच-48 समेत इन क्षेत्र में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या रहती है। ऐसे में जीएमडीए शहर में जरूरत के अनुसार ड्रेन का निर्माण करा रहा है।
जीएमडीए के अनुसार, 104.95 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित यह परियोजना गुरुग्राम-मानेसर शहरी क्षेत्र के लिए तैयार किए गए समग्र मास्टर ड्रेनेज योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। परियोजना के पूर्ण होने पर बारिश के दौरान जल निकासी सुनिश्चित होगी। ड्रेनेज नेटवर्क का डिजाइन भू-ढाल (नेचूरल ग्राउण्ड स्लोप) के अनुरूप तैयार किया गया है ताकि बरसाती पानी का प्रवाह प्राकृतिक गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी फ्लो) के माध्यम से सेंट्रल पेरिफेरल रोड (सीपीआर) और नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड (एनपीआर) पर स्थित मौजूदा मास्टर ड्रेन में हो सके। यह परियोजना एनएच-48 की सर्विस रोड एवं आसपास के सेक्टरों में जलभराव की पुरानी समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करेगी, जहां वर्तमान में वर्षा जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है।
इन्फ्रा-2 के मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा ने कहा कि इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर में मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन की व्यवस्था से गुरुग्राम की ड्रेनेज क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान शहरी जलभराव से राहत मिलेगी। जीएमडीए नागरिकों के हित में सुनियोजित और मजबूत शहरी अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
परियोजना को दो चरणों में पूरा होगी
चरण-I: सेक्टर-77 से 80 तक एवं रामपुरा चौक से एनपीआर–एनएच-48 जंक्शन (खेड़की दौला के समीप) तक मास्टर ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। इस चरण में लगभग 13.86 किलोमीटर लंबी मास्टर ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी।
चरण-II: सेक्टर-75ए/76 डिवाइडिंग रोड व सेक्टर एम1डी, मानेसर से रामपुरा चौक तक ड्रेन का निर्माण किया जाएगा, जो भूमि अधिग्रहण पूर्ण होने के बाद लिया जाएगा। इस चरण में लगभग 4.52 किलोमीटर लंबी ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी।