नागपुर से एयपरपोर्ट पर आए फेफड़े को पहुंचाया गया मेदांता अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ट्रैफिक पुलिस ने रविवार को एक एंबुलेंस के लिए 12 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया। इसके जरिए नागपुर से फेफड़े को आईजीआई एयरपोर्ट से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल तक पहुंचाया गया। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस को गुरुग्राम-दिल्ली सीमा से मेदांता अस्पताल तक 12 किमी की दूरी 6 मिनट में तय हुई। जबकि इस मार्ग पर जाम लगने के कारण कई बार वाहनों को 30 मिनट से 45 मिनट तक लग जाते हैं। सुबह 9:09 बजे से 9:15 बजे तक तय की। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर इस ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया था।
डीसीपी (ट्रैफिक) वीरेंद्र विज ने बताया कि गुरुग्राम-दिल्ली सीमा से मेदांता अस्पताल सेक्टर-38 तक दूरी तय करने के लिए काफी समय लग जाता है, लेकिन ग्रीन कॉरिडोर की मदद से फेफड़े को महज 6 मिनट में एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। ऑर्गन ट्रांसप्लांट के लिए समय सीमा अक्सर सात से आठ घंटे तक सीमित होती है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मार्ग पर सिग्नल-फ्री ग्रीन कॉरिडोर स्थापित किया जाए, ताकि महत्वपूर्ण समय की बचत हो सके । इससे मरीज को ऑर्गन की समय पर डिलीवरी हो सके।
आठ घंटे तक काम करता है फेफड़ा
डॉक्टरों के मुताबिक शरीर से निकलने के बाद आठ घंटे तक ही फेफड़ा काम करता है। इसके बाद यह काम करना बंद कर देता है। इस कारण तय समय में ही इसे मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट करना होता है। इस के चलते रविवार को मेदांता अस्पताल के अनुरोध पर ट्रैफिक पुलिस ने इस कॉरिडोर का निर्माण किया था। आईजीआई हवाई अड्डे से मेदांता अस्पताल तक हवाई मार्ग से नागपुर से फेफड़े के प्रत्यारोपण में मदद के लिए 12 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर मार्ग बनाया गया था।