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Gurugram News: मारुति कुंज के 912 परिवारों को मिलेगा मालिकाना हक

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30 साल से कर रहे थे इंतजार, 512 दिनों से चल रहा था प्रदर्शन
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मारुति कंपनी समिति और मारुति कुंज निवासियों के बीच हुआ करार







संवाद न्यूज एजेंसी

बादशाहपुर। 30 साल से मालिकाना हक के लिए इंतजार कर रहे मारुति कुंज के 912 परिवारों को जल्द मालिकाना हक मिलेगा। मालिकाना हक के लिए मारुति कुंज निवासियों की गठित 11 सदस्यीय कमेटी और मारुति कंपनी समिति के बीच रविवार को इसका करार हुआ है। मारुति कंपनी की तरफ से दुष्यंत चौहान,पंकज, संजय नारंग आए थे। निवासियों ने कंपनी के मालिकाना हक देने के फैसले का स्वागत किया है। मारुति कंपनी की करोड़ों रुपये की देनदारी की वजह से उन्हें मालिकाना हक नहीं मिल पर रहा था,लेकिन कंपनी अब मालिकाना हक देने के लिए तैयार हो गई है।





मारुति कुंज सोसाइटी के पूर्व उपाध्यक्ष अजीत तंवर ने बताया कि रविवार को मारुति कंपनी की तरफ से आए पदाधिकारियों और मारुति कुंज निवासियों के बीच बात हुई थी। इसके बाद निवासियों की तरफ से 11 सदस्यीय एक टीम गठित कर दी गई। इस कमेटी के अध्यक्ष रामबीर हैं। इस कमेटी में विजय सांगवान, प्रवीण ,रणवीर , रघुवीर व अन्य शामिल है। मारुति कंपनी की तरफ से आने वाले तीन महीने में मालिकाना हक देने की पूरी प्रक्रिया कर दी जाएगी। इसके बाद मारुति कुंज सोसाइटी को करीब 55 एकड़ जमीन का मालिकाना हक मिल जाएगा।
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करीब 100 एकड़ में मारुति कुंज बसा हुआ है। इसके 55 एकड़ में रिहायशी है। मारुति कंपनी के कुछ हिस्से पर अवैध कब्जा भी हो गया है। कंपनी के साथ हुए करार में यह तय हुआ है कि वह निवासियों को रिहायशी क्षेत्र का मालिकाना हक देंगे। सोसाइटी की जो जमीन रिहायशी से अलग है। उसके मालिकाना हक के साथ ही देनदारी का हिसाब किया जाएगा।



512 दिन चला प्रदर्शन
मालिकाना हक के लिए सोसाइटी निवासी पहले भी कई बार प्रदर्शन कर चुके थे। इसके साथ ही सोसाइटी निवासी उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व स्थानीय विधायक संजय सिंह से भी अपनी परेशानी रख चुके हैं। इसके बावजूद उनकी समस्या का हल नहीं निकला तो पिछले साल एक मई को सोसाइटी के मुख्यद्वार पर ही सोसाइटी निवासियाें ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। इस बीच कई बार उन्होंने भूख हड़ताल भी की थी।

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करोड़ों रुपये की देनदारी के चलते नहीं मिल पा रहा था मालिकाना हक
मारुति कुंज निवासी प्रवीण ने बताया कि मारुति कंपनी ने 1995 में मारुति कुंज में घर बनाए थे। 2002 तक सभी निवासियों ने कंपनी को घर के पैसे दे दिए थे। इसके बाद बावजूद उन्हें मालिकाना हक नहीं मिल रहा था। मालिकाना हक न देने के पीछे कंपनी की दलील थी कि मारुति कुंज सोसाइटी के विकास व अन्य कार्यों की देनदारी सोसाइटी पर है। इसके साथ ही लंबे से देनदारी न आने की वजह से उस पर ब्याज भी लगता गया। अब वह राशि 74 करोड़ रुपये हो गई है।
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512 दिनों से चल रहे प्रदर्शन को सोसाइटी निवासियों ने पूरा समर्थन दिया था । सोसाइटी के सहयोग से ही उन्हें जल्द मालिकाना हक मिल सकेगा। मारुति सोसाइटी के 912 परिवार के लिए यह बहुत बड़ी जीत है। सोसाइटी की अन्य मांग भी जल्द पूरी होगी। - पूर्व उपाध्यक्ष अजीत तंवर
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