-पशुपालन विभाग की 27 टीमें घर-घर पहुंचकर चला रही टीकाकरण अभियान
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। भीषण गर्मी के बीच पशुओं को संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा जिले में व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की ओर से गठित टीमें पशुपालकों के घर-घर जाकर पशुओं को मुंहखुर (बांग) एवं गलघोंटू जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाव के टीके लगा रही हैं। विभाग का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी पशु इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे।
अभियान की गंभीरता को देखते हुए विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. वीरेंद्र सहरावत ने हसनपुर, तावड़ू, संगेल गौशाला, हिरमथला तथा आलदोका क्षेत्रों का दौरा कर टीकाकरण अभियान की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने वैक्सीन के रखरखाव एवं तापमान नियंत्रण की भी जांच की। उन्होंने बताया कि वैक्सीन की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए उसका तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना अनिवार्य है, जिसकी नियमित निगरानी की जा रही है।
डॉ. वीरेंद्र सहरावत ने बताया कि जिले में यह विशेष अभियान 11 मई से शुरू किया गया था और अब तक लगभग 90 हजार डोज पशुओं को लगाई जा चुकी हैं। प्रत्येक पशु का टैग लगाकर पंजीकरण भी किया जा रहा है। पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान पशुपालक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है, जिसे विभागीय कर्मचारी को उपलब्ध करवाने के बाद ही ऑनलाइन पंजीकरण पूर्ण होता है। इससे पशुओं का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर सुरक्षित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जिले को विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित कर 27 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें लगभग 150 अधिकारी एवं कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ये टीमें लगातार गांव-गांव जाकर पशुपालकों को जागरूक करने के साथ टीकाकरण कार्य को सफल बना रही हैं।
उपनिदेशक ने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां मुंहखुर और गलघोंटू बीमारियों के खिलाफ संयुक्त टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि विभागीय टीम जब भी उनके घर पहुंचे तो वे पूरा सहयोग करें और 4 माह से अधिक आयु के सभी गौवंश एवं भैंसों का टीकाकरण अवश्य करवाएं। उन्होंने यह भी बताया कि 4 से 8 माह आयु वर्ग के पशुओं को पहली डोज के 4 सप्ताह बाद बूस्टर डोज भी दी जाएगी।