फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोविड अस्पतालों में 83 फीसदी बेड खाली

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। जिले में कोरोना के नए मरीजों की संख्या भले ही बढ़ रही हो, लेकिन इलाज को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां दुरुस्त हैं। वहीं रोज आने वाले नए मरीजों में से अधिकांश मरीज होम आइसोलेट हो रहे हैं। सिर्फ औसतन 10 फीसदी मरीजों को ही अस्पतालों में भर्ती करना पड़ता है। उसमें भी अधिकांश मरीजों की हालत स्थिर रहती है। यही वजह है कि प्रशासन की तरफ से निर्धारित कोविड अस्पतालों में इस समय 83 फीसदी बेड खाली हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में 30 कोविड हेल्थ सेंटर हैं, जबकि 4 कोविड अस्पताल हैं। इनमें कुल 1975 बेड व 122 वेंटिलेटर हैं।
विज्ञापन

वहीं, अलग-अलग अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए निर्धारित बेड की बात करें तो जिला कोविड हेल्थ सेंटर में 1549 बेड व 93 वेंटिलेटर हैं, जबकि जिला कोविड अस्पतालों में 426 बेड व 29 वेंटिलेटर हैं। इनमें से इस समय तक मात्र 244 बेड ही भरे हैं।
गुरुग्राम में कोरोना के कुल 2889 सक्रिय मरीज हैं, जिनमें से सिर्फ 260 मरीज ही अस्पतालों में भर्ती हैं जबकि 2629 मरीज होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। अस्पतालों में उपचाराधीन कुल 260 कोरोना मरीजों में से 244 कोविड हेल्थ सेंटर व कोविड अस्पतालों में भर्ती हैं जबकि 16 मरीज कोविड केयर सेंटर में हैं। वहीं, जिले में कुल सक्रिय 2889 मरीजों में से गंभीर मरीजों की संख्या अब सिर्फ 6 रह गई है, जिसमें से 3 मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर व इतने ही संक्रमित वेंटिलेटर पर हैं।
विज्ञापन

निजी अस्पतालों में आरक्षित हैं 35 फीसदी बेड
कोरोना संक्रमण को देखते हुए निजी अस्पतालों में भी प्रशासन के आदेशानुसार 35 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। प्रशासन के आंकड़े के मुताबिक, निजी अस्पतालों में करीब 3500 से ज्यादा बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित हैं। करीब पखवाड़े भर पहले जिला उपायुक्त अमित खत्री ने निजी अस्पतालों को 35 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने का लिखित आदेश जारी किया था।
कोविड अस्पतालों की सूची
अस्पताल आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन बेड आईसीयू बेड वेंटिलेटर
मीडोर हॉस्पिटल 35 35 24 10
पार्क अस्पताल 12 12 30 10
एसजीटी कॉलेज 75 20 5 5
ईएसआईसी अस्पताल 95 78 5 4
जिले के कोविड अस्पतालों में बेड की कोई कमी नहीं है। अधिकांश मरीज होम आइसोलेट ही हो रहे हैं, लेकिन आवश्यकतानुसार मरीजों को अस्पतालों में आसानी से बेड मिल रहे हैं। मरीजों को बेहतर इलाज व समुचित देखभाल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विज्ञापन

- डॉ. वीरेंद्र यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, गुरुग्राम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें